मुश्किल हालात के बीच अगर हौसला और सही मौके का साथ मिल जाए, तो जिंदगी बदली जा सकती है. कुछ ऐसी ही कहानी उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के आमना बेगम की है. पति का फर्नीचर का कारोबार बंद होने के बाद परिवार में मुसीबत आ गई. फैमिली आर्थिक परेशानियों से जूझने लगा था. इसी दौरान आमना बेगम ने अपना कारोबार शुरू करने का फैसला लिया. पहले आमना ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में जानकारी हासिल की. उसके बाद उन्होंने लोन के लिए आवेदन किया और बेकरी का काम शुरू कर दिया. आज आमना की खुशबू बेकरी उनके परिवार के लिए नई उम्मीद बन चुकी है.
बर्बाद हो गया पति का फर्नीचर का कारोबार-
पति मुफीद का फर्नीचर का काम जब नहीं चला, तो परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया. इस संकट से निकलने के लिए फैमिली के सामने कोई चारा नहीं था. इस मुश्किल हालात के बीच आमना बेगम ने खुद कुछ करने की ठानी. उन्होंने बेकरी का कारोबार शुरू करने का फैसला किया.
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की जानकारी ली-
बेकरी का कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की जरूरत थी. लेकिन आमना बेगम के पास पैसे नहीं थे. इसी दौरान आमना को मोबाइल पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में पता चला. उन्होंने इस योजना के बारे में जानकारी हासिल की. इसके बाद आमना बेगम ने लोन के लिए आवेदन किया.
लोन लेने में कोई परेशानी नहीं हुई- आमना बेगम
आमना का कहना है कि लोन लेने की प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. लोन मिलने के बाद उन्होंने खुशबू बेकरी के नाम से अपना कारोबार शुरू कर दिया. आज आमना अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटी हैं. इस काम में उनके पति मुफीद भी उनका बराबर साथ दे रहे हैं. यानी जिस परिवार के सामने कभी कारोबार बंद होने के बाद मुश्किलें खड़ी हो गई थीं, वही परिवार अब अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा है.
फैमिली ने सरकार का जताया आभार-
आमना और उनके पति मुफीद मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए सरकार का आभार जताते हैं. आमना की कहानी बताती है कि सही समय पर मिली आर्थिक मदद और खुद कुछ करने का जज्बा किस तरह परिवार की जिंदगी में नई उम्मीद और बदलाव ला सकता है.
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