उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना युवाओं और महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है. इस योजना का लाभ उठाकर सूबे की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं. ऐसी ही एक कामयाबी की मिसाल पेश की है राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज की रहने वाली वंदना यादव ने, जिन्होंने सरकारी मदद से अपनी किस्मत खुद बदल डाली है.
वंदना यादव ने यूपी सरकार की योजना का उठाया फायदा-
वंदना यादव के परिवार की माली हालत पहले ठीक नहीं थी. उनके पति पहले ड्राइविंग का काम करते थे. जिससे घर का खर्च बमुश्किल चलता था. वंदना ने बताया कि उनके मायके में मां और दो भाई हैं. वहीं ससुराल में सास-ससुर, पति और तीन ननद हैं. बड़े परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वंदना ने कुछ नया करने की ठानी. जब उन्हें योगी सरकार की इस योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने आवेदन किया और उन्हें 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता के साथ-साथ जरूरी मार्गदर्शन भी मिला.
कई जिलों में होती है शुद्ध तेल की सप्लाई-
इस लोन की मदद से वंदना ने अपने पति के साथ मिलकर 2025 में एक सरसों तेल मिल की स्थापना की. आज इस मिल में शुद्ध सरसों के तेल का उत्पादन किया जा रहा है. आज उनके मिल का सरसों का तेल आसपास के कई गांवों और जिलों के बाजारों में सप्लाई हो रहा है.
हर महीने 20-25 हजार का मुनाफा-
वंदना बताती हैं कि इस बिजनेस से उनका पूरा जीवन बदल गया है. पहले जहां पैसों की तंगी थी, वहीं आज वो हर महीने 20 से 25 हजार रुपये प्रति माह का मुनाफा कमा रही हैं. गांव की अन्य महिलाओं के लिए बनीं मिसाल. खास बात यह है कि वंदना ने इस उद्यम के जरिए न सिर्फ अपने पति को ड्राइविंग के काम से मुक्त कर इस बिजनेस में शामिल किया. बल्कि स्थानीय स्तर पर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रही है.
वंदना के पति अब पूरी शिद्दत से इस बिजनेस को एक नए मुकाम पर पहुंचाने में जुटे हैं. ग्रामीण इलाके की एक साधारण महिला से बिजनेस वुमन बनने का वंदना का यह सफर आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है.
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