सीएम योगी की युवा उद्यमी योजना से बदली तूबा सिद्दीकी की किस्मत, आज दूसरी महिलाओं को भी दे रही हैं रोजगार

यूपी की राजधानी लखनऊ की रहने वाली तूबा सिद्दीकी को योगी सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' के तहत 15 दिनों के भीतर 5 लाक रुपए का ब्याज मुक्त लोन मिला. इन पैसों से उन्होंने केमिकल मुक्त प्रोडक्ट्स बनाने का काम शुरू किया. आज तूबा कई दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं.

Tuba Siddiqui Success Story
अंकित मिश्रा
  • लखनऊ,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना युवाओं के लिए बड़ी मददगार साबित हो रही है. इस योजना की मदद से यूपी के युवा नौकरी मांगने वाले से नौकरी देने वाला बन रहे हैं. इसकी एक जीती-जागती मिसाल लखनऊ की रहने वाली बायोटेक्नोलॉजिस्ट तूबा है. जिन्होंने अपने स्टार्टअप सॉइल कॉन्सेप्ट के जरिए न केवल एक सफल ब्रांड खड़ा किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए रोजगार की राह भी खोल दी है.

उद्यमी बनने का था तूबा का सपना-
तूबा ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही वे एंटरप्रेन्योर बनना चाहती थीं. एक बायोटेक्नोलॉजिस्ट होने के नाते वे हमेशा प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कर केमिकल-मुक्त प्रोडक्ट्स बनाना चाहती थीं. हालांकि, शुरुआती दिनों में उनके पास न तो कोई कॉर्पोरेट एक्सपीरियंस था और न ही मशीनरी व कच्चे माल के लिए पैसे.

तूबा को योजना के बारे में कैसे पता चला?
मुश्किल दौर में तूबा सिद्दीकी को इंटीग्रेटेड फाउंडेशन के जरिए योगी सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना' के बारे में पता चला. तूबा ने आवेदन किया और महज 15 दिनों के भीतर बिना किसी बैंक गारंटी के 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त लोन उनके हाथ में था. इस पैसे से उन्होंने मशीनरी खरीदी और अपना मैन्युफैक्चरिंग सेटअप तैयार किया.

स्टार्टअप यूपी से भी तूबा को मिला फंड-
तूबा का यह स्टार्टअप स्टार्टअप यूपी के तहत भी रजिस्टर्ड है, जहां से उन्हें ऑनलाइन मार्केटिंग और बिजनेस बढ़ाने के लिए करीब 11 लाख रुपये का मार्केटिंग असिस्टेंस फंड मिला. आज तूबा का ब्रांड सॉइल कॉन्सेप्ट पूरी तरह से केमिकल-मुक्त और इको-फ्रेंडली पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स जैसे हर्बल शैम्पू, कंडीशनर, हेयर सीरम, बॉडीवाश और हैंडमेड साबुन बना रहा है. तूबा के पति फैज, जो खुद एक केमिकल टेक्नोलॉजिस्ट हैं, इस बिजनेस में उनका पूरा साथ दे रहे हैं. आज इनके प्रोडक्ट्स की डिमांड न सिर्फ लखनऊ में है, बल्कि मुंबई, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे बड़े शहरों के ऑफलाइन स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी हो रही है.

दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं तूबा-
तूबा की कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड (UPITS) में उनका स्टार्टअप उन चुनिंदा 9 फ्रंट स्टॉल्स में शॉर्टलिस्ट हुआ, जहां खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजिट करने पहुंचे थे. तूबा कहती हैं कि एक घर से शुरू हुए प्रॉडक्ट को देश के प्रधान सेवक के सामने प्रेजेंट करना हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था. यह एक ऐसा अचीवमेंट है जिस पर हमें गर्व है. घर में सबसे छोटी तूबा के पिता शक्ति भवन से रिटायर हो चुके हैं. शादी के बाद तूबा को अपने पति और ससुराल का पूरा सपोर्ट मिला. आज वह न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने इस प्रयास से 7 अन्य महिलाओं को भी रोजगार देकर उनके घरों का चूल्हा जला रही हैं. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा योजना वाकई बेटियों और युवाओं की उड़ान को नए पंख दे रही है.

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