उत्तर प्रदेश में पहले कारोबारियों को निवेश करने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों से मंजूरी लेनी पड़ती थी. इसमें काफी वक्त लग जाता था. लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस प्रोसेस को आसान बनाने का बीड़ा उठाया और निवेश मित्र की शुरुआत की. एक सिंगल-विंडो डिजिटल पोर्टल, जो राज्य में कारोबार शुरू करने और चलाने के लिए जरूरी सभी मंज़ूरियों, लाइसेंस, पंजीकरण और क्लीयरेंस को एक ही जगह पर लाता है.
निवेश मित्र से कारोबार करना हुआ आसान-
इनवेस्ट यूपी द्वारा संचालित निवेश मित्र, उद्यमियों, MSME, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों को एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए स्टैच्यूटरी मंजूरियों के लिए आवेदन करने की सुविधा देता है. अलग-अलग विभागों में अलग-अलग आवेदन जमा करने की बजाय, कारोबारी अब कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) का इस्तेमाल कर सकते हैं, ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं, अपने आवेदन को रियल टाइम में ट्रैक कर सकते हैं और डिजिटल रूप से जारी की गई मंज़ूरियां डाउनलोड कर सकते हैं.
40 से ज्यादा विभागों की सेवाएं एक जगह-
यह पोर्टल 40 से ज्यादा सरकारी विभागों की सेवाओं को एक साथ जोड़ता है, जिनमें श्रम विभाग, अग्निशमन सेवाएं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, फूड सेफ्टी, शहरी विकास, राजस्व और बिजली विभाग जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं. इससे कागज़ी कार्यवाही काफी हद तक कम होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और नियामकीय मंजूरियां तेजी से मिलती हैं.
निवेश मित्र 3.0 से मिलेगी और मजबूती-
हाल ही में निवेश मित्र का नया वर्जन सामने आया. निवेश मित्र 3.0 इस प्लेटफॉर्म को और मज़बूत बनाता है. इसमें AI-सक्षम इन्वेस्टर सपोर्ट, आसान आवेदन प्रक्रिया, GIS-आधारित लैंड बैंक इंटीग्रेशन, बेहतर शिकायत निवारण व्यवस्था और नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन जैसे फीचर शामिल हैं. इन अपग्रेड्स का मकसद अनुपालन (कंप्लायंस) का बोझ कम करना और निवेशकों के अनुभव को बेहतर बनाना है.
एक अहम स्तंभ बनकर उभरा है निवेश मित्र-
जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश अपने औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करता जा रहा है, निवेश मित्र राज्य के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों का एक अहम स्तंभ बनकर उभरा है. मंजूरियों को डिजिटल बनाकर और एक पारदर्शी, समयबद्ध क्लीयरेंस सिस्टम तैयार करके, यह पोर्टल उत्तर प्रदेश को निवेश और उद्यम के लिए एक और आकर्षक ठिकाना बनाने में मदद कर रहा है.
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