निवेशकों की चांदी! पांच साल में 384% का तगड़ा रिटर्न देकर चमका यह शेयर, बना मल्टीबैगर, क्या आपके पोर्टफोलियो में है ये स्टॉक?

NLC India को निवेशकों की नजर में एक मजबूत PSU माना जा रहा है. पिछले तीन वर्षों में इसका शेयर 211% और पांच वर्षों में 384% तक बढ़ चुका है, जो इसे मल्टीबैगर स्टॉक की श्रेणी में रखता है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST
  • पांच साल में 384% बढ़ा ये शेयर
  • तीन साल में 211% का जबरदस्त उछाल

NLC India के शेयरों में शुक्रवार को करीब 2% की ग्रोथ देखने को मिली. यह उछाल तब आया जब कंपनी ने CSIR-CECRI (सेंट्रल इलेक्ट्रोकेमिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) के साथ एक अहम समझौता (MoU) किया. इस खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयर में हल्की मजबूती देखने को मिली. BSE पर NLC India का शेयर 310.05 रुपये के पिछले बंद स्तर से बढ़कर 317.25 रुपये तक पहुंच गया. इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 43,817 करोड़ रुपये हो गया.

क्या है MoU और क्यों है यह अहम
NLC India और CSIR-CECRI के बीच हुआ यह समझौता क्रिटिकल और रणनीतिक खनिजों (critical minerals) के विकास और प्रोसेसिंग से जुड़ा है. इसका मसकद उन तकनीकों को विकसित करना है, जिनकी मदद से खनिजों को निकालने और प्रोसेस करने में आसानी हो सके. कंपनी पहले से ही ऐसे खनिजों की पहचान और उनके extraction की संभावनाओं पर काम कर रही है, जो खदानों और अन्य संसाधनों से मिल सकते हैं.

माइनिंग वेस्ट से कीमती खनिज निकालने पर फोकस
इस प्रोजेक्ट में ओवरबर्डन, लिग्नाइट और कोयला खदानों के कचरे (waste material), टेलिंग्स और अन्य माइनिंग अवशेषों पर रिसर्च की जाएगी. उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन बेकार माने जाने वाले पदार्थों से भी रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिज निकाले जा सकते हैं या नहीं. NLC India का कहना है कि यह पहल रिसोर्सेज के बेहतर उपयोग और सस्टेनेबल माइनिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है.

NITI Aayog से जुड़े प्रयास भी शामिल
कंपनी ने बताया कि उसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर NITI Aayog की एक समिति का हिस्सा हैं, जो सेकेंडरी सोर्सेज से क्रिटिकल मिनरल्स निकालने की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है. इससे यह साफ है कि कंपनी सिर्फ पारंपरिक खनन पर नहीं, बल्कि नए और वैकल्पिक संसाधनों पर भी तेजी से काम कर रही है.

रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर रिसर्च तेज
NLC India ने अपने कई खनन क्षेत्रों में रिसर्च शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां मौजूद मटेरियल से रेयर अर्थ एलिमेंट्स और ट्रेस मिनरल्स कितनी मात्रा में निकाले जा सकते हैं. यह रिसर्च भारत की खनिज आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

इस समझौते के तहत NLC के Neyveli माइनिंग ऑपरेशन से निकलने वाले ओवरबर्डन और टेलिंग्स का गहराई से अध्ययन किया जाएगा. इसके अलावा कंपनी अपने अन्य माइनिंग और एक्सप्लोरेशन एसेट्स में भी इसी तरह की संभावनाओं को तलाशेगी. कंपनी का लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हो, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हो.

मजबूत तिमाही नतीजों से भी मिला सपोर्ट
पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया. इस दौरान NLC India का नेट प्रॉफिट लगभग तीन गुना बढ़कर 1,394 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 482 करोड़ रुपये था. रेवेन्यू में भी 31.5% की बढ़ोतरी हुई और यह 5,042.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. EBITDA में भी जोरदार उछाल देखा गया, जिससे कंपनी का मार्जिन 35.2% तक बढ़ गया.

निवेशकों की नजर में मजबूत प्रदर्शन
लगातार बेहतर वित्तीय नतीजों और नई तकनीकी साझेदारियों के चलते NLC India को निवेशकों की नजर में एक मजबूत PSU माना जा रहा है. पिछले तीन वर्षों में इसका शेयर 211% और पांच वर्षों में 384% तक बढ़ चुका है, जो इसे मल्टीबैगर स्टॉक की श्रेणी में रखता है.

 

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