शेयर बाजार (Stock Market) में पैसा लगाने वालों के लिए बहुत ही जरूरी खबर है. देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (National Stock Exchange of India) यानी NSE ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO (Initial Public Offering) के प्राइस बैंड का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. यदि आप इस IPO में पैसा लगाने के बारे में सोच रहे हैं तो यहां प्राइस बैंड, GMP, लॉट साइज से लेकर निवेश की रकम तक के बारे में आसान भाषा में समझ लीजिए. आपको मालूम हो कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड की शुरुआत साल 1992 में हुआ था. आज के समय NSE भारत का बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है.
NSE का IPO कब खुलेगा और क्या है प्राइस बैंड
NSE का IPO आम निवेशकों के लिए 17 सितंबर से खुल गया है और यह 21 सितंबर को बंद होगा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने शेयर का प्राइस बैंड 1700 रुपए से 1785 रुपए प्रति शेयर तय किया है. निवेशकों को कम से कम 8 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. इसके बाद 8 के मल्टीपल में बोली लगाई जा सकेगी. एनएसई का यह आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) है. इसका मतलब है कि कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. इस IPO को बेचने के बाद मिलने वाला पूरा पैसा उन्हीं के पास जाएगा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया को इसमें से कोई रकम नहीं मिलेगी. शेयर बिक्री करने वाले मुख्य निवेशकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, SBI कैपिटल मार्केट, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरंदा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस), न्यू इंडिया एश्योरेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन शामिल हैं.
इतने शेयरों की हो रही बिक्री
NSE अभी OFS के माध्यम से 126436650 शेयरों की बिक्री कर रहा है. इस इश्यू का कुल आकार करीब 22562 करोड़ रुपए है. NSE के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर 2026 को सिर्फ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर होगी. NSE के आईपीओ में निवेश करने के लिए कितने पैसे चाहिए तो रिटेल निवेशक को 8 शेयर (एक लॉट) के लिए 14820 रुपए चाहिए. HNI निवेशक के पास 120 शेयर के लिए 214200 रुपए चाहिए. कंपनी ने शेयरों का आवंटन अलग-अलग कैटेगरी के लिए तय किया है. QIB (योग्य संस्थागत खरीदार) के लिए 50% हिस्सा, NII (गैर-संस्थागत निवेशक) के लिए 15% हिस्सा और रिटेल निवेशक के लिए 35% हिस्सा तय किया गया है.
NSE IPO से जुड़ी खास बातें