नया टैक्स रिजीम आसान, लेकिन हर किसी के लिए फायदे का सौदा नहीं, पुराना रिजीम अब भी बचा सकता है ज्यादा टैक्स

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों के पास टैक्स बचाने वाले निवेश हैं, हेल्थ इंश्योरेंस है, वे किराए के घर में रहते हैं या होम लोन चुका रहे हैं, उनके लिए पुराना टैक्स रिजीम आज भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.

Old Tax Regime
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

केंद्र सरकार का नया टैक्स रिजीम लगातार लोकप्रिय हो रहा है. इसकी वजह है कम टैक्स दरें और आसान नियम. कई लोगों को लगता है कि इसमें टैक्स की गणना आसान है और ज्यादा कागजी कार्रवाई भी नहीं करनी पड़ती. लेकिन क्या सिर्फ आसान होने की वजह से नया टैक्स रिजीम हर किसी के लिए बेहतर है? जवाब है- नहीं.

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों के पास टैक्स बचाने वाले निवेश हैं, हेल्थ इंश्योरेंस है, वे किराए के घर में रहते हैं या होम लोन चुका रहे हैं, उनके लिए पुराना टैक्स रिजीम आज भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.

चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. सुरेश सुराना के अनुसार, पुराने टैक्स रिजीम की सबसे बड़ी ताकत इसमें मिलने वाली विभिन्न छूट और कटौतियां (डिडक्शन) हैं. इनका सही इस्तेमाल करके टैक्सेबल इनकम काफी कम की जा सकती है, जिससे कुल टैक्स भी घट जाता है.

1. 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की बचत
पुराने टैक्स रिजीम में सेक्शन 80C सबसे बड़ा टैक्स सेविंग विकल्प माना जाता है. इसके तहत पीपीएफ, ईपीएफ, ईएलएसएस फंड, लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, टैक्स सेविंग एफडी और होम लोन के मूलधन (प्रिंसिपल) के भुगतान पर कुल 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है. यानी आप टैक्स भी बचाते हैं और भविष्य के लिए निवेश भी करते हैं.

2. हेल्थ इंश्योरेंस पर भी टैक्स छूट
यदि आपने अपने या परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लिया है तो सेक्शन 80D के तहत टैक्स में छूट मिलती है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट 50 हजार रुपए तक हो सकती है. इसका फायदा दोहरा है. एक तरफ मेडिकल खर्चों से सुरक्षा मिलती है, दूसरी तरफ टैक्स भी कम देना पड़ता है.

3. किराए के घर में रहते हैं तो HRA का फायदा
नौकरीपेशा लोगों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पुरानी व्यवस्था का बड़ा लाभ है. यदि आप किराए के मकान में रहते हैं तो सैलरी का एक हिस्सा टैक्स फ्री हो सकता है. मेट्रो शहरों में रहने वालों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलता है क्योंकि वहां किराया अपेक्षाकृत ज्यादा होता है.

4. होम लोन वालों को बड़ी राहत
अगर आपने घर खरीदने के लिए होम लोन लिया है तो सेक्शन 24(b) के तहत सालाना 2 लाख रुपए तक के ब्याज भुगतान पर टैक्स छूट मिल सकती है. यह छूट कई परिवारों की टैक्सेबल इनकम को काफी कम कर देती है.

5. NPS में निवेश पर अतिरिक्त फायदा
रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे लोगों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अच्छा विकल्प है. सेक्शन 80CCD(1B) के तहत 50 हजार रुपए की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है. इस तरह 80C की 1.5 लाख रुपए की सीमा के अलावा भी अतिरिक्त लाभ लिया जा सकता है.

6. बैंक ब्याज पर भी मिलती है राहत
कई लोग छोटी टैक्स छूटों को नजरअंदाज कर देते हैं. सेक्शन 80TTA और 80TTB के तहत सेविंग अकाउंट और कुछ जमा योजनाओं से मिलने वाले ब्याज पर भी छूट मिलती है. सामान्य करदाता 10 हजार रुपए तक और वरिष्ठ नागरिक 50 हजार रुपए तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं.

आखिर किसे चुनना चाहिए?
नया टैक्स रिजीम उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो किसी तरह की टैक्स छूट या निवेश नहीं करते. वहीं, जो लोग नियमित निवेश करते हैं, हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं, किराया देते हैं या होम लोन चुका रहे हैं, उनके लिए पुराना टैक्स रिजीम ज्यादा बचत करा सकता है.

 

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