भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी 'India-US Trade' को लेकर तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है. सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनती दिखी. ट्रंप ने इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social' पर पोस्ट साझा कर इस डील की जानकारी दी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी की जमकर सराहना करते हुए कहा कि मित्रता और सम्मान के नाते भारत के अनुरोध पर तत्काल प्रभाव से ट्रेड डील पर सहमति दी गई है. इस समझौते के तहत भारत पर लगने वाला अमेरिकी टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इसके साथ ही भारत भी अमेरिकी उत्पादों पर अपने टैरिफ को शून्य करने की दिशा में कदम बढ़ाएगा.
भारत पर टैरिफ 18%
इस घोषणा के बाद यह सवाल उठा कि भारत पर पहले से लागू 50% अमेरिकी टैरिफ का क्या होगा. दरअसल, बीते साल अप्रैल में अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में रूसी तेल खरीद को लेकर बढ़ाकर 50% कर दिया गया था. इस असमंजस को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप-मोदी बातचीत के अनुसार भारत पर कुल टैरिफ 18% ही रहेगा, हालांकि कागजी प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताओं में कुछ समय लग सकता है.
रूसी तेल बना भी बना समझौते का मुद्दा
टैरिफ कट के साथ-साथ रूसी तेल का मुद्दा भी इस समझौते के केंद्र में रहा. ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करेगा और बदले में अमेरिका तथा संभव रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल और गैस खरीदेगा.
'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर टैरिफ हुआ कम
ट्रंप की पोस्ट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत बेहद सकारात्मक रही. उन्होंने 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18% करने के फैसले के लिए 1.4 अरब भारतीयों की ओर से आभार जताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ काम करते हैं, तो नए अवसर खुलते हैं. साथ ही उन्होंने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए ट्रंप के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया.