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Sovereign Gold Bond: फिर से शुरू हुई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, जानिए इसके बारे में सबकुछ

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम 2022-23 की चौथी किश्त सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गई है. सोने का इश्यू प्राइस 5,611 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के बारे में विस्तार से पढ़ें.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 8:52 AM IST
  • डिजिटल मोड से पेमेंट करने वालों को मिलेगी छूट
  • एक व्यक्ति कर सकता है इतना निवेश

गोल्ड में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है. सरकार की ओर से SGB यानी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम एक बार फिर शुरू हो गई है. इस स्कीम के तहत लोग कम कीमत पर सोना खरीद सकते हैं. 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सोने में निवेश की सरकारी स्कीम है, जिसे सरकार की तरफ से RBI जारी करता है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की चौथी सीरीज 6 मार्च से शुरू हो गई है. इस स्कीम का सब्सक्रिप्शन 10 मार्च तक पांच दिनों के लिए खुला रहेगा. इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में सोने का इश्यू प्राइस 5,611 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है.

डिजिटल मोड से पेमेंट करने वालों को मिलेगी छूट
डिजिटल मोड से पेमेंट करने वाले निवेशकों को 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट दी जा रही है. डिजिटल मोड से पेमेंट करने वालों के लिए गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस 5,561 रुपये प्रति ग्राम है. बॉन्ड की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, पोस्ट ऑफिस और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए की जा रही है.

एक व्यक्ति कर सकता है इतना निवेश
SGB में एक व्यक्ति को कम से कम 1 ग्राम गोल्ड में निवेश करना होता है और पूरे वित्त वर्ष में अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम है. निवेश का लॉक-इन पीरियड 8 साल है और 5वें साल के बाद इससे बाहर निकलने का विकल्प दिया गया है. सरकार ने 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत की थी, इसके तहत वित्त वर्ष में 4 बार सब्सक्रिप्शन का मौका मिलता है.

क्या है इस स्कीम का मकसद?
इस स्कीम का मकसद फिजिकल गोल्ड की मांग को कम करना है और इस बात को बढ़ावा देना है कि लोगों की बचत का एक हिस्सा सोने की खरीद में इस्तेमाल हो. दरअसल, फिजिकल गोल्ड खरीदने और इसके रखरखाव में कई दिक्कतें होती हैं, सोना खरीदने और गहने बनवाने पर GST और मेकिंग चार्ज देना पड़ता है. लेकिन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड GST के दायरे में नहीं आते, और इसके रखरखाव में भी कोई खर्च नहीं करना पड़ता. गोल्ड बॉन्ड खरीदने के लिए मतदाता पहचान पत्र, आधार, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है.

 

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