Railway Board Latest order : भारतीय रेलवे ने ट्रेन में यात्रियों को दी जाने वाली बेड रोल की सुविधा फिर से बहाल करने का ऐलान कर दिया है. अब रेलवे में सफर करेन वाले यात्रियों को पहले की तरह कंबल, तकिया और चादर दिए जाएंगे. रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन विपुल सिंघल ने इस सिलसिले में जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे बोर्ड का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. सिर्फ बेड रोल ही नहीं बल्कि एसी कोच में यात्रियों की प्राइवेसी बरकरार रखने के लिए अब पहले की तरह पर्दे भी लगाए जाएंगे. रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद पूर्व मध्य रेलवे ( East Central Railway) ने तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत आने वाले धनबाद समेत सभी रेल मंडलों से खुलने वाली ट्रेनों में बेड रोल की सुविधा की शुरूआत की जा रही है.
कोरोना की वजह से बंद कर दी गई थी सुविधा
साल 2020 में कोरोना की शुरूआत के साथ ही रेलवे ने यात्री ट्रेनों में दी जाने वाली बेड रोल सुविधा को रोक दिया था. कोरोना सक्रंमण के फैलाव को देखते हुए रेलवे ने कंबल, चादर और तकिया पर पाबंदी लगा दी थी. बाद में डिस्पोजेबल बेड रोल की सुविधा भी शुरू की गई. लेकिन इसके लिए यात्रियों को एक्स्ट्रा फीस चुकाना पड़ रही थी. इस वजह से रेलवे की योजना फ्लॉप रही. अब एक बार फिर रेलवे ने पहले की तरह इस सुविधा को बहाल करने का ऐलान कर दिया है. बता दें कि बेड रोल की सुविधा का फायदा उठाने के लिए अब यात्रियों को कोई भी एक्स्ट्रा फीस चुकानी नहीं पड़ेगी.
इसके अलावा महामारी के दौरान यात्रियों की सेहत को देखते हुए कई सेवाओं जैसे ट्रेनों में लिनन, ब्लैंकेट्स और कर्टेंस की सुविधा पर भी रोक लगाई गई थी जो अब दुबारा से शुरू होने जा रही हैं.
क्या-क्या सुविधाएं हो चुकी हैं बहाल
रेलवे ने सबसे पहले स्पेशल ट्रेनों के नाम पर खास ट्रेनों की सुविधा बहाल की. उसके बाद खाना मुहैया कराने के लिए इन ट्रेनों में पेंट्री कार की सुविधा शुरू की, इससे पहले लोगों को खाने की सुविधा देने के लिए सिर्फ रेडी टू इट खाना ही मिलता था. अब कंबल और बेडशीट की सुविधा भी मिलने लगी है.
पहले क्या मिलता था ट्रेन के एसी क्लास में
अगर कोरोना काल से पहले की बात करें तो ट्रेन के एसी क्लास में यात्रा करने पर बेड रोल मुफ्त में मिलता था. गरीब रथ ट्रेन में इसके लिए मामूली चार्ज देना होता था।. एक बेड रोल में दो चादर, एक तकिया, एक कंबल और एक छोटा तौलिया होता था. कोरोना काल में जब ट्रेन की सुविधा फिर से शुरू की गई तो बेड रोल देना बंद कर दिया गया. उस समय रेलवे का कहना था कि बेड रोल से कोरोना का संक्रमण फैल सकता है