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ATM Withdrawal Charges: आप भी दूसरे बैंकों के एटीएम से बार-बार निकालते हैं पैसा, अब ऐसा करना हो जाएगा महंगा, इस तारीख से लागू हो रहा नया नियम

ATM Fee: यदि आप महीने में कई बार अपने डेबिट कार्ड के जरिए दूसरे बैंकों के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो यह खबर आपके लिए है. अब तय सीमा से ज्यादा बार एटीएम से पैसे निकालने पर आपको अधिक रुपए चुकाने पड़ेंगे. आइए जानते हैं कब से यह नया नियम लागू हो रहा है.

ATM
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST
  • 1 मई 2025 से एटीएम से कैश ट्रांजैक्शन होंगे महंगे 
  • ATM से कैश विड्रॉल फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालने पर देने पड़ेंगे 19 रुपए 
  • बैलेंस चेक करने के लिए लगेगा 7 रुपए चार्ज 

यदि आप भी दूसरे बैंकों के एटीएम (ATM) यानी ऑटोमेटेड टेलर मशीन से बार-बार पैसा निकालते हैं तो अब ऐसा करना महंगा पड़ेगा. दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इंटरचेंज फीस को बढ़ाने का ऐलान किया है. नया नियम 1 मई 2025 से लागू होगा. इस दिन से फ्री लिमिट के बाद एटीएम से हर ट्रांजैक्शन पर दो रुपए अधिक देना पड़ेगा. इतना ही नहीं  नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट के लिए भी फीस में एक रुपए की बढ़ोतरी की गई है.  

क्या है एटीएम इंटरचेंज फीस
एटीएम इंटरचेंज फीस एक ऐसा चार्ज है, जो एक बैंक दूसरे बैंक को एटीएम सर्विसेज प्रोवाइड करने के लिए देता है. यह फीस हर ट्रांजैक्शन पर लिया जाने वाला एक फिक्स्ड अमाउंट होता है, लेकिन ये खर्चा बैंक अपने ग्राहक पर डाल देते हैं. आप इसे इस तरह से भी समझ सकते हैं. जब कोई बैंक कस्टमर अपने बैंक के बजाय किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालता है, तो उसका बैंक उस एटीएम के मालिक बैंक को एक तय शुल्क देता है, यही राशि इंटरचेंज फीस कहलाती है. उदाहरण के तौर पर यदि आप दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में रहते हैं और आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक हैं. आप SBI के ATM की जगह HDFC या किसी अन्य बैंक के एटीम से पैसे निकालते हैं तो तीसरे ट्रांजैक्शन के बाद SBI आपसे चार्ज ले सकता है.

कितना बढ़ जाएगा एटीएम चार्ज 
1 मई से आपको एटीएम चार्ज अधिक देना होगा. पहले जब आप अपने होम बैंक के एटीएम की जगह दूसरे बैंक के ATM से कैश विड्रॉल फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालते थे तो 17 रुपए देने पड़ते थे. अब आपको इससे दो रुपए अधिक यानी 19 रुपए देने होंगे. बैलेंस इन्क्वॉयरी, मिनी स्टेटमेंट आदि के लिए 1 मई से आपको 7 रुपए देने होंगे. पहले इसके लिए 6 रुपए लगते थे. RBI के इस निर्णय से छोटे बैंकों के ग्राहकों को ज्यादा परेशानी होगी क्योंकि छोटे बैंक ATM के लिए बड़े बैंकों पर निर्भर रहते हैं. 

कितनी है फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमानुसार, मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु आदि में दूसरे बैंक के एटीएम से तीन फ्री ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं. गैर मेट्रो शहरों में दूसरे बैंक के ATIM से पांच फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं.

ट्रांजैक्शन फेल होने पर नहीं लगेगा कोई चार्ज 
आपको मालूम हो कि नेटवर्क फेल, एटीएम में कैश न होना, गलत पिन आदि के कारण ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है यानी एटीएम से पैसे नहीं निकलते हैं, तो उस पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. इसके अलावा, अपने ही बैंक के एटीएम से बैलेंस चेक, चेकबुक रिक्वेस्ट और टैक्स पेमेंट जैसी सेवाओं पर भी कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा. 

चेक बुक के लिए बैंक का चार्ज
आपको मालूम हो कि चेक बुक के लिए भी बैंक आपसे चार्ज लेते हैं. यदि आप किसी बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाते हैं तो आपको 10 चेक की चेक बुक फ्री मिलती है. आपके नाम के साथ आने वाली चेकबुक के लिए बैंक अलग-अलग फीस चार्ज करते हैं. कुछ बैंक शुरू के 10 से 20 चेक फ्री और बाकी चेकों के लिए 20 रुपए प्रति चेक चार्ज करते हैं. एसबीआई 25 चेक की चेक बुक के लिए 75 रुपए चार्ज करती है. यदि करंट अकाउंट की बात करें तो यही चेक बुक का चार्ज 100 चेक की चेक बुक के लिए 500 से 700 रुपए तक हो जाता है.

ट्रांजैक्शन के लिए बैंक चार्ज
आपको मालूम हो कि बैंकों को ट्रांजैक्शन का अलग-अलग चार्ज है, जो कि खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर लगता है. यदि किसी के बैंक अकाउंट में 5000 या 10000 रुपए से कम बैलेंस रहता है तो बैंक 300 से 500 रुपए तक आपके खाते से काट लेते हैं. इतना ही नहीं बैंक एसएमएस अलर्ट के लिए भी सालाना आधार पर 5 से 25 रुपए तक फीस ग्राहक से वसूल करते हैं. 

डिजिटल पेमेंट का करें यूज 
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ATM फीस बढ़ाने का प्रस्ताव RBI को भेजा था. इसे आरबीआई ने मंजूर कर लिया है. यदि आपको एटीएम चार्ज नहीं देना है तो अपने ही बैंक के एटीएम से पैसे निकालें या बैलेंस चेक करें. ऐसा करने पर आपको मुफ्त लेनदेन का फायदा मिलेगा. हर महीने काउंट करें कि आप कितनी बार एटीएम इस्तेमाल कर चुके हैं. इससे मुफ्त लेनदेन की लिमिट में रहकर चार्ज देने से बच सकते हैं. अधिक से अधिक डिजिटल पेमेंट का यूज करें. इससे नकदी निकालने की जरूरत कम होगी और ATM से पैसे निकालने का एक्स्ट्रा चार्ज बचेगा. आपको मालूम हो कि सरकार भी डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है ताकि कैश पर निर्भरता कम हो. 

 

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