Advertisement

भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट? RBI कर रहा चर्चा, न फटने की टेंशन होगी न गलने की...

RBI भारत में पॉलिमर नोट लागू करने को लेकर विकल्पों पर काम कर रहा है. इसके लिए एक पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा सकता है, जिसकी घोषणा आने वाले समय में हो सकती है.

भारत में जल्‍द दिखेंगे प्‍लास्टिक के नोट. (Photo: AI Generated)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

भारत में जल्द प्लास्टिक के नोट चलन में आ सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पॉलिमर यानी प्लास्टिक बेस्ड नोटों को लेकर RBI की बोर्ड बैठकों में चर्चा भी हो चुकी है. माना जा रहा है कि ये नोट मौजूदा कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ, सुरक्षित और कम लागत वाले हो सकते हैं.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार RBI भारत में पॉलिमर नोट लागू करने को लेकर विकल्पों पर काम कर रहा है. इसके लिए एक पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा सकता है, जिसकी घोषणा आने वाले समय में हो सकती है.

क्या होते हैं पॉलिमर नोट?
पॉलिमर नोट खास तरह की प्लास्टिक सामग्री से बनाए जाते हैं. कई देशों में पहले से ऐसे नोट चलन में हैं. इन नोटों की खास बात यह है कि ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा समय तक चलते हैं और जल्दी खराब नहीं होते. इसके अलावा इन नोटों में सिक्योरिटी फीचर्स भी बेहतर माने जाते हैं, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है.

RBI क्यों कर रहा विचार?
रिपोर्ट के मुताबिक, पटना और मुंबई में हुई RBI की हालिया बोर्ड बैठकों में पॉलिमर नोटों को लेकर चर्चा हुई. माना जा रहा है कि कागजी नोटों की छपाई पर लगातार खर्च बढ़ रहा है. RBI की वित्त वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, नोट छापने का खर्च एक साल में काफी बढ़ गया है. वित्त वर्ष 2024 में जहां यह खर्च 5,101.4 करोड़ रुपए था, वहीं 2025 में बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपए पहुंच गया.

गंदे और खराब नोटों की संख्या बढ़ी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बड़ी संख्या में पुराने और खराब नोट वापस आ रहे हैं. वित्त वर्ष 2025 के दौरान करीब 23.8 अरब गंदे नोट सिस्टम से हटाए गए. यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 12.3 प्रतिशत ज्यादा है. इनमें सबसे ज्यादा 500 रुपए और उसके बाद 100 रुपए के नोट शामिल थे. माना जा रहा है कि पॉलिमर नोट ज्यादा टिकाऊ होंगे, इसलिए इन्हें बार-बार बदलने की जरूरत कम पड़ेगी.

ATM मशीनों में भी नहीं होगी दिक्कत
पॉलिमर नोटों को ATM मशीनों से जारी करने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होगी. यानी अगर भविष्य में प्लास्टिक नोट लागू होते हैं तो बैंकिंग सिस्टम और ATM नेटवर्क को पूरी तरह बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

डिजिटल पेमेंट बढ़ा, फिर भी कैश की डिमांड कायम
देश में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नकदी की मांग अब भी लगातार बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार 15 मई तक प्रचलन में मौजूद मुद्रा सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 42.86 ट्रिलियन रुपए तक पहुंच गई. यानी लोग UPI और ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, लेकिन कैश की जरूरत अब भी कम नहीं हुई है.

ये भी पढ़ें

 

    Read more!
    Advertisement

    RECOMMENDED

    Advertisement
    Advertisement