उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पानी की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए खेतों में लगे सोलर पंप उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आए हैं. जिले में ऐसे कई किसान रहे हैं, जिन्होंने सिंचाई के लिए पानी की कमी और बिजली की परेशानी के चलते खेती कम कर दी थी और कुछ किसानों ने तो मजबूरी में खेती छोड़कर दूसरे काम की तलाश शुरू कर दी थी. अब पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगने के बाद किसानों को दिन में ही सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है. सब्सिडी की मदद से लगाए गए इन सोलर पंपों ने सिंचाई की तस्वीर बदल दी है.
अब बिजली के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता- किसान ऋषि पाल
किसान ऋषि पाल सिंह बताते हैं कि पहले इंजन और बोरिंग से खेतों में पानी देते थे, लेकिन डीजल का खर्च लगातार बढ़ता गया. इसके बाद बिजली का कनेक्शन लिया तो नई परेशानी शुरू हो गई. बिजली कभी आती थी और कभी चली जाती थी. सिंचाई के लिए रातभर बिजली का इंतजार करना पड़ता था. कई बार जैसे ही बिजली आती, किसान घर से खेत की तरफ दौड़ता और खेत पहुंचते ही बिजली चली जाती थी. पिछले साल उन्हें पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप की जानकारी मिली. उन्होंने आवेदन किया और सरकार की सब्सिडी के बाद 7.5 किलोवाट का सोलर पंप लगवाया. अब सुबह करीब 8 बजे से शाम 5 से साढ़े 5 बजे तक सूरज की रोशनी में पानी चलता है. ऋषि पाल सिंह कहते हैं कि अब रात में खेत पर जाकर बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ता और वह आराम से सोते हैं.
समय पर सिंचाई से अच्छी हो रही फसलें- ऋषि पाल
ऋषि पाल सिंह के मुताबिक सोलर पंप लगने के बाद फसल को समय पर पानी मिल रहा है, जिससे फसल सूखने का खतरा कम हुआ है. उनके पास करीब 15-16 बीघा जमीन है. जिसमें गन्ना, गेहूं, धान, सब्जियों जैसी खेती की जा रही है.
उनका कहना है कि समय पर सिंचाई होने से अब वह ऐसी फसलें भी ले पा रहे हैं, जिन्हें पहले पानी की समस्या के कारण लेना मुश्किल था.
सोलर पंप से आसान हुई खेती- किसान अमित
किसान अमित कुमार बताते हैं कि उनके खेत में करीब तीन साल पहले 5 एचपी का सोलर पंप लगा था. गर्मियों में पानी की समस्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने अपने खेत में गन्ने की खेती तक छोड़ दी थी. ट्रैक्टर से पानी लगाने में खर्च ज्यादा आता था और रजबहा भी गर्मियों में कई बार सूख जाता था. सोलर पंप लगने के बाद अब करीब 40 बीघा जमीन की सिंचाई एक सप्ताह के भीतर हो जाती है और रोजाना करीब 5 बीघा खेत में आराम से पानी लगाया जा सकता है.
सोलर से सिंचाई की समस्या खत्म हो गई- किसान
अमित कुमार कहते हैं कि पहले सिंचाई के लिए रात में भी खेतों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब सुबह खेत पर पहुंचकर दिन में ही पानी चला लेते हैं. वहीं सावनपुर नवादा गांव के किसान गौरव धैया के परिवार ने करीब 2021 में सोलर पैनल लगवाया था, उनके पिता अरविंद कुमार धैया के नाम जमीन और सोलर पैनल है.
गौरव बताते हैं कि उनके यहां दूर-दूर तक बिजली की लाइन नहीं थी और बिजली कनेक्शन भी नहीं था. ऐसे में सोलर पैनल ने सिंचाई की समस्या को काफी हद तक खत्म कर दिया. पहले रजबहा में महीनों तक पानी नहीं आता था. जिससे फसल को नुकसान होता था. अब सूरज की रोशनी से सोलर पंप चलता है और करीब 8 से 10 घंटे तक पानी उपलब्ध हो जाता है. गौरव के मुताबिक पहले जहां धान की खेती नहीं कर पाते थे, अब वहां धान भी उगा रहे हैं और फसल अच्छी हो रही है.
ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाएं सोलर- महेश धैया
किसान महेश धैया भी सोलर पंप को खेती के लिए उपयोगी बताते हैं. उनका कहना है कि इससे बिजली पर निर्भरता कम होती है और किसान दिन में ही अपनी जरूरत के हिसाब से खेत में पानी लगा सकता है. उनके मुताबिक पाइपलाइन के जरिए पानी खेत तक पहुंचने से सिंचाई और आसान हो जाती है. पहले रजबहा में गाद और सिल्ट जमा होने से किसानों को परेशानी होती थी और गर्मियों में पानी की कमी के कारण फसल प्रभावित होती थी. अब जरूरत के समय सोलर पंप चलाकर फसल को पानी दिया जा सकता है. उनका कहना है कि आंधी-तूफान में बिजली के तार टूटने, पेड़ गिरने या ट्रांसफॉर्मर खराब होने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है. महेश धैया ने सरकार से सोलर पंप योजना को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने की मांग की है.
खेती में किसानों का लौटा भरोसा-
इन किसानों की कहानी बताती है कि खेत में पानी पहुंचने से सिर्फ सिंचाई की समस्या नहीं बदली, बल्कि खेती को लेकर किसानों का भरोसा भी लौटा है. जिन किसानों के लिए कभी बिजली और रजबहा का इंतजार सबसे बड़ी चिंता हुआ करता था. अब वे दिन में सोलर पंप चलाकर अपनी फसल की सिंचाई कर रहे हैं. समय पर पानी मिलने से किसान गन्ना, धान, गेहूं, सब्जियां और दूसरी फसलें लेने का जोखिम उठा पा रहे हैं. रात में बिजली आने का इंतजार खत्म होने से किसानों को राहत मिली है और खेती का समय भी उनके नियंत्रण में आया है.
किसानों का कहना है कि अगर सोलर पंप की योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचे तो सिंचाई की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है, खेतों में चमकते सोलर पैनल अब किसानों के लिए सिर्फ बिजली का विकल्प नहीं, बल्कि समय पर पानी और बेहतर खेती की उम्मीद बन रहे हैं.
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