नई कार खरीदना किसी के लिए भी उसकी ज़िंदगी का खास पल होता है. लेकिन कार खरीदते समय सिर्फ कार की कीमत देखना काफी नहीं है. कई लोग कार के लिए कार लोन लेते हैं. अगर आप भी कार लोन लेने वाले हैं, तो EMI, ब्याज, डाउन पेमेंट और दूसरे चार्ज को समझना जरूरी है. वजह है कि कई बार छोटी सी गलती के चलते कार की कुल कीमत जेब पर काफी भारी पड़ सकती है.
कार लोन लेते समय लोग सबसे पहले EMI देखते हैं. कम EMI देखकर लोन सस्ता लगने लगता है. लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. अगर लोन का टेन्योर ज्यादा है, तो हर महीने EMI कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है. इसलिए लोन लेने से पहले देखें कि लोन का टेन्योर कितना है और आपको कितनी रकम चुकानी पड़ेगी.
डीलर की ओर से मिलने वाला लोन ऑफर जरूरी नहीं कि सबसे अच्छा हो. अलग-अलग बैंक और फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दर और फीस अलग हो सकती है. इसलिए कार लोन लेने से पहले कम से कम दो-तीन ऑफर की तुलना जरूरी है. ब्याज के साथ प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज को भी जरूर देखें.
कम डाउन पेमेंट से शुरुआत में पैसे बच जाते हैं. लेकिन इससे लोन की रकम बढ़ जाती है. ज्यादा लोन का मतलब ज्यादा ब्याज चुकाना होता है. इसलिए ऐसी डाउन पेमेंट रखें जिससे लोन का बोझ कम हो, लेकिन आपकी पूरी बचत भी खत्म न हो. इमरजेंसी के लिए कुछ पैसा बचाकर रखना जरूरी है.
कार लोन लेते समय सिर्फ कम ब्याज दर देखना सही नहीं है. प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज से जुड़े चार्ज और समय से पहले लोन बंद करने के नियम भी देखें. लोन साइन करने से पहले सभी चार्ज की जानकारी मांगें.