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सपना पूरा करने को ले रहे हैं Car Loan? तो न भागें कम EMI के पीछे... वरना चुकाते फिरेंगे ज्यादा ब्याज

लोग अक्सर कार लोन लेते समय छोटी और कम EMI की तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं. लेकिन कम ईएमआई का सीधा मतलब होता है ज्यादा ब्याज चुकाना. इसके अलावा कई ऐसे चार्ज हैं जिनका आपको ध्यान रखना जरूरी है.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

नई कार खरीदना किसी के लिए भी उसकी ज़िंदगी का खास पल होता है. लेकिन कार खरीदते समय सिर्फ कार की कीमत देखना काफी नहीं है. कई लोग कार के लिए कार लोन लेते हैं. अगर आप भी कार लोन लेने वाले हैं, तो EMI, ब्याज, डाउन पेमेंट और दूसरे चार्ज को समझना जरूरी है. वजह है कि कई बार छोटी सी गलती के चलते कार की कुल कीमत जेब पर काफी भारी पड़ सकती है.

केवल कम EMI होना काफी नहीं

कार लोन लेते समय लोग सबसे पहले EMI देखते हैं. कम EMI देखकर लोन सस्ता लगने लगता है. लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. अगर लोन का टेन्योर ज्यादा है, तो हर महीने EMI कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है. इसलिए लोन लेने से पहले देखें कि लोन का टेन्योर कितना है और आपको कितनी रकम चुकानी पड़ेगी.

डीलर के कार लोन को न समझें बेस्ट

डीलर की ओर से मिलने वाला लोन ऑफर जरूरी नहीं कि सबसे अच्छा हो. अलग-अलग बैंक और फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दर और फीस अलग हो सकती है. इसलिए कार लोन लेने से पहले कम से कम दो-तीन ऑफर की तुलना जरूरी है. ब्याज के साथ प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज को भी जरूर देखें.

कम डाउन पेमेंट मतलब ज्यादा ब्याज चुकाना

कम डाउन पेमेंट से शुरुआत में पैसे बच जाते हैं. लेकिन इससे लोन की रकम बढ़ जाती है. ज्यादा लोन का मतलब ज्यादा ब्याज चुकाना होता है. इसलिए ऐसी डाउन पेमेंट रखें जिससे लोन का बोझ कम हो, लेकिन आपकी पूरी बचत भी खत्म न हो. इमरजेंसी के लिए कुछ पैसा बचाकर रखना जरूरी है.

छोटे-छोटे चार्ज को न करें नजरअंदाज

कार लोन लेते समय सिर्फ कम ब्याज दर देखना सही नहीं है. प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेज से जुड़े चार्ज और समय से पहले लोन बंद करने के नियम भी देखें. लोन साइन करने से पहले सभी चार्ज की जानकारी मांगें.

 

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