जिस महिला ने पति को खो दिया हो और जिसकी कोई स्थायी आमदनी न हो, उसके लिए हर महीने की पेंशन एक बुनियादी सहारा होती है. उत्तर प्रदेश इसके लिए निराश्रित महिला पेंशन योजना चलाता है, जिसे आम बोलचाल में विधवा पेंशन कहा जाता है.
क्या लाभ मिलता है?
कौन पात्र है?
आवेदन कैसे करें?
आवेदन राज्य के सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है. आमतौर पर आय प्रमाण पत्र, आधार, बैंक विवरण और विधवा महिलाओं के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज चाहिए होते हैं.
क्या प्रस्ताव है?
अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य सरकार वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन की मासिक राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने पर विचार कर रही है. इन रिपोर्ट्स में तीनों श्रेणियों के कुल 1.21 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी बताए गए हैं. बढ़ी हुई राशि कैबिनेट की मंजूरी और अमल के आदेश पर निर्भर है. जब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, पाठक 1,000 रुपये को ही मौजूदा राशि मानें.
यह क्यों मायने रखता है?
पेंशन कल्याण का सबसे सीधा रूप है. यह उन महिलाओं तक पहुंचती है जिनके पास न बचत होती है, न घर में कमाने वाला कोई सदस्य.
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