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बचत समूह से उद्यम तक... ग्रामीण आजीविका मिशन कैसे बढ़ा रहा है यूपी में महिलाओं की आर्थिक ताकत

उत्तर प्रदेश में 10.5 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह, 1.25 करोड़ परिवार और गांव व क्लस्टर स्तर के संगठनों का नेटवर्क आज ग्रामीण महिलाओं की आजीविका की रीढ़ बन चुका है. चलिए आपको बताते हैं कि ग्रामीण आजीविका मिशन कैसे महिलाओं की आर्थिक ताकत बढ़ा रहा है?

UP Rural Livelihoods Mission
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

उत्तर प्रदेश के कई गांवों में महिला की आर्थिक आजादी की पहली सीढ़ी होती है स्वयं सहायता समूह (SHG) में हर महीने की छोटी सी बचत. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) इसी सीढ़ी को आगे बढ़ाता है. यह ग्रामीण विकास विभाग के तहत चलने वाला, राष्ट्रीय DAY-NRLM का राज्य स्तरीय मिशन है.

कितना बड़ा है यह नेटवर्क?
2 सितंबर 2026 की राज्य सरकार की विज्ञप्ति के मुताबिक:

  • उत्तर प्रदेश में 10.5 लाख से ज्यादा SHG काम कर रहे हैं.
  • करीब 1.25 करोड़ ग्रामीण परिवार इनसे जुड़े हैं.
  • 65,544 ग्राम संगठन और 3,298 क्लस्टर लेवल फेडरेशन इन समूहों के ऊपर संस्थागत ढांचा बनाते हैं.

राष्ट्रीय स्तर पर, अक्टूबर 2024 तक DAY-NRLM के तहत 10.05 करोड़ महिलाएं करीब 90.87 लाख SHG से जुड़ चुकी थीं.

यह मॉडल कैसे काम करता है?
मिशन एक चरणबद्ध रास्ता बताता है:

  • महिला किसी समूह से जुड़ती है और नियमित बचत की आदत बनाती है.
  • बचत के बाद बैंक कर्ज और संस्थागत फाइनेंस के रास्ते खुलते हैं.
  • फिर कर्ज को हुनर, उत्पादन और बाजार से जोड़ा जाता है.
  • ग्राम संगठन समूहों के बीच तालमेल रखते हैं, जबकि क्लस्टर फेडरेशन उन्हें बड़े बाजारों और ट्रेनिंग से जोड़ते हैं.

आमदनी कहां से आती है?
महिला समूह खेती से जुड़े काम, पशुपालन व डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, स्थानीय उत्पादों और सेवा क्षेत्र में सक्रिय हैं. एक उदाहरण विद्युत सखी कार्यक्रम है, जिसमें SHG की महिलाओं को बिजली बिल वसूली के काम से जोड़ा गया. 2025 के मध्य तक करीब 30,000 महिलाएं इसमें पंजीकृत थीं और 438 विद्युत सखियां लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी थीं.

घर और आजीविका को जोड़ना-
सरकार ने मिशन को यह भी निर्देश दिया है कि ग्रामीण आवास योजनाओं, यानी PM आवास (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की महिला लाभार्थियों को SHG से जोड़ा जाए. सोच यह है कि घर के साथ कमाई का जरिया भी मिले.

याद रखने वाली बात-
मिशन की ताकत सामूहिक प्रयास में है. पूंजी, ट्रेनिंग और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियां अकेली महिला के मुकाबले समूह के लिए आसान हो जाती हैं.

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