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क्या होता है LIC Policy Surrender करना? क्या पॉलसी बंद करने पर मिलती है पूरी जमा रकम वापस... जानें क्या कहते हैं नियम

कई बार लोग एलआईसी पॉलिसी का प्रीमियम भरमें असक्षम हो जाते हैं. ऐसे में वह सोचते हैं कि पॉलिसी को बंद करना बेहतर है. लेकिन अगर आप भी ऐसा सोच नहीं है, तो यह गलहफहमी न पालें कि आपका जमा किया सारा पैसा वापस लौट कर मिल जाएगा.

LIC Policy Surrender
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पॉलिसी लाखों लोगों के लिए बचत और परिवार की आर्थिक सुरक्षा का एक जरिया है. लेकिन कई बार पैसों की परेशानी के कारण लोगों के लिए पॉलिसी का प्रीमियम भरना मुश्किल हो जाता है. 

ऐसे में वे अपनी पॉलिसी समय से पहले बंद करने का फैसला लेते हैं. अगर आप भी LIC पॉलिसी सरेंडर करने की सोच रहे हैं, तो पहले इसके नुकसान और दूसरे ऑप्शन के बारे लेना चाहिए जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपकी बचत को नुकसान पहुंचा सकता है.

क्या होता है LIC पॉलिसी सरेंडर करना?

जब कोई व्यक्ति पॉलिसी की अवधि पूरी होने से पहले उसे बंद कर देता है और बीमा कंपनी से जमा पैसे वापस मांगता है, तो इसे पॉलिसी सरेंडर करना कहते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको प्रीमियम के रूप में जमा की गई पूरी रकम वापस मिल जाएगी.

LIC अपने नियमों के अनुसार कुछ कटौती करके पैसा लौटाती है. पॉलिसी बंद करने पर मिलने वाली इस रकम को सरेंडर वैल्यू कहा जाता है. यह रकम पॉलिसी के प्रकार, उसकी अवधि और जमा किए गए प्रीमियम पर निर्भर करती है.

पॉलिसी बंद करने पर हो सकते हैं ये नुकसान

  • जमा पैसे से कम रकम मिलना: अगर आप पॉलिसी को शुरुआती वर्षों में बंद करते हैं, तो आपको जमा किए गए कुल प्रीमियम से काफी कम पैसा मिल सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रीमियम का कुछ हिस्सा पॉलिसी से जुड़े खर्चों में जाता है.
  • बीमा सुरक्षा खत्म होना: LIC पॉलिसी सरेंडर करने के बाद उससे मिलने वाली जीवन बीमा सुरक्षा खत्म हो जाती है. ऐसे में पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर परिवार को उस पॉलिसी के तहत बीमा राशि नहीं मिलती.
  • बोनस का नुकसान: कुछ LIC पॉलिसियों में बोनस का लाभ मिलता है. पॉलिसी समय से पहले बंद करने पर बोनस से जुड़े फायदे भी कम हो सकते हैं या खत्म हो सकते हैं. यह पॉलिसी के नियमों पर निर्भर करता है.

प्रीमियम भरने में परेशानी है तो क्या करें?

अगर आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और प्रीमियम भरना मुश्किल हो रहा है, तो पॉलिसी सरेंडर करने से पहले पेड-अप (Paid-up) ऑप्शन के बारे में पता करें. इसमें तय शर्तें पूरी होने पर आगे प्रीमियम जमा करना बंद किया जा सकता है, जबकि पॉलिसी पूरी तरह खत्म नहीं होती. हालांकि, मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम कम हो सकती है.

LIC पॉलिसी बंद करने से पहले क्या करें?

पॉलिसी सरेंडर करने से पहले LIC से अपनी सरेंडर वैल्यू और पेड-अप वैल्यू की जानकारी लें. दोनों विकल्पों की तुलना करें और समझें कि किसमें आपको कम नुकसान होगा. साथ ही, पॉलिसी से मिलने वाली बीमा सुरक्षा पर भी ध्यान दें.

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