उत्तर प्रदेश सरकार की एक राज्य-स्तरीय योजना विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY) है. इस योजना को पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत बनाने और उनका जीवन स्तर सुधारने के मकसद से चलाई गई है. यह योजना बढ़ई, दर्जी, नाई, कुम्हार, लोहार, मोची, राजमिस्त्री, बांस-बेंत का सामान बनाने वाले, धोबी, सुनार और हलवाई जैसे पारंपरिक पेशों से जुड़े कारीगरों के लिए है.
PM विश्वकर्मा योजना से अलग है यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-
यह योजना केंद्र सरकार की "PM विश्वकर्मा योजना" से अलग है. PM विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में शुरू की थी और यह 18 ट्रेड्स को कवर करती है, जिसमें ₹15,000 का टूलकिट और ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड मिलता है. जबकि उत्तर प्रदेश की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना राज्य सरकार की अपनी अलग योजना है.
दोनों योजनाओं के तहत अलग-अलग लाभ मिलते हैं, और पात्र कारीगर दोनों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं (यह जरूर जांच लें कि दोनों में एक साथ आवेदन की अनुमति है या नहीं, क्योंकि नियम समय-समय पर बदल सकते हैं).
योजना के तहत क्या मिलता है?
कौन ले सकता है इसका लाभ?
कैसे करें आवेदन-
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल के जरिए की जाती है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और पेशे से जुड़ा प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं.
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