दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क ने एक AI कंपनी को 60 बिलियन डॉलर में खरीदा है. इस कंपनी के मालिक एशियाई मूल के 2 लड़के हैं. इसमें भारतीय मूल के 25 साल के अमन संगर और पाकिस्तानी मूल के 26 साल के सुआलेह आसिफ शामिल हैं. इस डील के बाद अमन संगर दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं.
कौन हैं अमन संगर?
भारतीय मूल के अमन संगर का जन्म अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुआ. उनको बचपन से ही कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में रुचि थी. बताया जाता है कि वो 14 साल की उम्र से ही कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था. अमन ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई की. इस दौरान उनकी मुलाकात पाकिस्तानी मूल के सुआलेह आसिफ से हुई. बाद में इन दोनों ने अपने एक दोस्त माइकल ट्रूएल और आर्विड लुनेमार्क के साथ मिलकर कुछ नया करने का सोचा. अमन के पिता अरविंद संगर आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई की है.
पढ़ाई के दौरान शुरू किया स्टार्टअप-
अमन ने अपने तीनों दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई के दौरान साल 2022 में कर्सर (Cursor) की शुरुआत की थी. ये स्टार्टअप एक हाईटेक एआई-संचालित कोडिंग प्लेटफॉर्म है, जो सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को वाइब कोडिंग की सुविधा देता है. इससे डेवलपर्स AI की मदद से बेहद आसानी से कोड लिख कते हैं. कई दिग्गज कंपनियां कर्सर का इस्तेमाल कर रही हैं.
अमन ने स्टार्टअप पर फोकस करने के लिए अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 21 साल थी. धीरे-धीरे इनकी पॉपुलेरिटी बढ़ने लगी. साल 2026 में स्पेसएक्स ने अप्रैल 2026 में इसके साथ साझेदारी की थी. जिसे अब फाइनल कर दिया गया है.
इस डील से जो भी पैसा मिलेगा. उसमें से 2.7-27 बिलियन डॉलर चारों दोस्तों को मिलेगा. इस तरह से भारतीय मूल के अमन संगर अरबपति बन गए हैं.
स्पेसएक्स में शेयरहोल्डर बन जाएंगे अमन-
कर्सर की पैरेंट कंपनी एनीस्फीयर में इमन संगर और सुआलेह आसिफ की हिस्सेदारी 4.5-4.5 फीसदी है. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्पेसएक्स से डील के बाद दोनों की हिस्सेदारी 2.7 बिलियन डॉलर आई गई है. यह डील ऑल स्टॉक डील है. इसका मतलब है कि दोनों को ये पैसा कैश नहीं मिलेगा. ये पैसा स्पेसएक्स में शेयर के तौर पर मिलेगा. इसके बाद अमन स्पेसएक्स में बड़े शेयरहोल्डर बन जाएंगे.
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