Home Loan Rejection: होम लोन हो रहा है बार-बार रिजेक्ट, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि कमी है कहां.. तो जानें आखिर क्या हो सकती है वजह

दिक्कत तब आती है जब बार-बार कोशिश करने के बाद भी बैंक आपके होम लोन को रिजेक्ट कर देता है. अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समझना बेहद जरूरी है कि बैंक होम लोन मंजूर करने से पहले किन बातों को सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:28 AM IST

हर भारतीय के दिल में अपना खुद का घर खरीदने की चाह होती है. लेकिन बढ़ती महंगाई और आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण ज्यादातर लोगों को इस सपने को पूरा करने के लिए होम लोन का सहारा लेना पड़ता है. लेकिन दिक्कत तब आती है जब बार-बार कोशिश करने के बाद भी बैंक आपके होम लोन को रिजेक्ट कर देता है. अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समझना बेहद जरूरी है कि बैंक होम लोन मंजूर करने से पहले किन बातों को सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए.

बैंक आपकी कमाई, क्रेडिट हिस्ट्री और नौकरी की स्थिरता जैसी कई अहम चीजों की जांच करता है. इसकी वजह है कि बैंक इस बात को लेकर चलता है कि क्या आप लोन को वापस चुका पाएंगे या नहीं. इनमें से किसी एक में भी कमी हुई, तो आपका लोन अटक सकता है या सीधे खारिज भी हो सकता है. ऐसे में जानते हैं उन जरूरी बातों के बारे में, जिन पर ध्यान न देने से होम लोन मिलना मुश्किल हो सकता है.

भरोसे की पहली कसौटी, सिबिल स्कोर
होम लोन हो या कोई और कर्ज, बैंक सबसे पहले आपका सिबिल स्कोर देखता है. अगर आपका सिबिल स्कोर बैंक की तय सीमा से कम है, तो लोन आवेदन रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है. अच्छा सिबिल स्कोर न सिर्फ लोन मिलने की उम्मीद बढ़ाता है, बल्कि कई बार बैंक ऐसे ग्राहकों को ब्याज दरों में भी रियायत देते हैं. इसलिए समय पर EMI चुकाना और क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है.

लोन की नींव है इनकम
होम लोन देते समय बैंक आपकी आय का पूरा ब्योरा लेती है. ज्यादातर बैंकों ने न्यूनतम आय की एक सीमा तय कर रखी होती है. अगर आपकी कमाई उस सीमा से कम है, तो लोन मंजूर होना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा आपकी इनकम का सीधा असर लोन अमाउंट पर पड़ता है. कम आय होने पर बैंक बड़ी रकम का लोन देने से कतराती है, क्योंकि इससे चुकाने का जोखिम बढ़ जाता है.

बैंक की नजर में सबसे अहम जॉब स्टेबिलिटी
बैंक यह भी परखता है कि आपकी नौकरी कितनी स्थिर है. अगर आप बार-बार नौकरी बदलते हैं, कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम करते हैं या आपकी आमदनी नियमित नहीं है, तो बैंक को लोन चुकाने में खतरा नजर आता है. ऐसे मामलों में या तो होम लोन मिलने में देरी हो सकती है या फिर आवेदन पूरी तरह से रिजेक्ट भी हो सकता है.

सही जानकारी देना है जरूरी
होम लोन के फॉर्म में दी गई हर जानकारी की बैंक जांच करता है. अगर कोई भी जानकारी गलत या अधूरी पाई जाती है, तो यह लोन रिजेक्ट होने की बड़ी वजह बन सकती है. इसलिए आवेदन करते समय सभी डिटेल्स ध्यान से और ईमानदारी से भरें. अगर किसी जानकारी को लेकर भ्रम हो, तो सीधे बैंक से पूछना बेहतर होता है.

 

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