बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का निजी स्कूलों की मनमानी करने को लेकर बड़ा बयान सामने है, जिसमे मंत्री ने कहा है कि निजी स्कूलों पर फीस को लेकर शिकंजा कसने के लिए बिहार सरकार एक अलग से नया कानून बनाने जा रही है. कानून में परिवर्तन करते हुए निजी स्कूलों को एनओसी देने की जो प्रक्रिया थी, उसको बदलने जा रहें है ताकि हमारा एनओसी तक ही केवल नियंत्रण न रहे. हमारा निजी स्कूलों पर हमेशा नियंत्रण रहे, जब भी वह लक्ष्मण रेखा को क्रॉस करें तो उनपर कार्रवाई हो सके.
बहकावे में नहीं आएं TR 4 के अभ्यर्थी
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने TR 4 में शिक्षकों की बहाली को लेकर कहा कि इन अभ्यर्थियों को बहुत जल्द सुखद परिणाम मिलने वाला है. इस बहाली प्रक्रिया में जिन चीजों की रुकावटें थी, उसको सही करने के लिए हमने मंत्रालय स्तर पर सभी अधिकारियों को लगा रखा है और अगले सप्ताह में सारे अधिकारियों के साथ एक दिन बैठक करेंगे. बहुत अच्छे परिणाम और बहुत जल्दी परिणाम आएगा. शिक्षा मंत्री ने TR 4 के अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि दूसरों के बहकावे में नहीं आएं. आंदोलन का रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं है. उनकी जो भी समस्याएं होंगी. उसको सरकार सुनेगी और उसका समाधान भी करेगी.
...तो लेंगे फीडबैक
मंत्री ने कहा कि हमें राज्य के सभी जिलों में जाना है और बिहार के हर घर से जो बच्चे हमारे विद्यालय में पढ़ने आते हैं. उन बच्चों की चिंता करते हुए शिक्षा की व्यवस्था को जो नीतीश कुमार ने बेहतर किया है, उसे और बेहतर बनाने की जिम्मेदारी हमारे ऊपर है. कई कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद करके अधिकारियों से समीक्षा करके सारा फीडबैक लेंगे. हमारा शिक्षा विभाग त्वरित निदान का विभाग बने, किसी को डीईओ कार्यालय का चक्कर या सचिवालय का चक्कर नहीं काटना पड़े, इसके इंतजाम में हम लगे हैं. आप लोगों को सुखद परिणाम मिलेंगे. सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय नेतृत्व ने हमरे ऊपर भरोसा करके शिक्षा विभाग का एक अहम मंत्रालय हमें दिया तो हम अपने मुख्यमंत्री के आशा-आकांक्षा को पूरी तरह से धरातल पर लाने का काम करेंगे.
हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम
बिहार का शिक्षा मंत्रालय हर व्यक्ति के आशा आकांक्षा की पूर्ति करने वाला बने, इस दिशा में काम करेंगे. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो, शिक्षा रोजगार सहित हो और पूरी तरह संस्कार युक्त कैसे हो इन तमाम चीजों को लेकर हम काम करेंगे. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि हम चाहते है विद्यालय केवल सरकारी अधिकारियों के भरोसे नहीं चल सकता है. बिहार की जनता का भी उसमें भागीदारी होना चाहिए और इसीलिए हम अगले एक सप्ताह के अंदर हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान एक कार्यक्रम लेकर आ रहे है.
अपने हर विद्यालय को एक व्यक्ति कोई होगा, जो इस विद्यालय में कभी पढ़ा होगा और आज देश या प्रदेश में कोई ऊंचा स्थान रख रहा होगा, उनसे हम आग्रह करेंगे कि आप उस विद्यालय को गोद लीजिए. इसके साथ अनुभव कीजिए कि जब आप उस विद्यालय में पढ़ते थे, उस समय क्या हालात थे, आज क्या हैं और आगे 25 साल बाद कैसा विद्यालय हो, इसकी लोग अपेक्षा रखते हैं. इन सब चीजों पर आप सरकार के साथ समन्वय करके और थोड़ा सामाजिक दायित्व के माध्यम से उसको बेहतर करें. हम इस दिशा में काम करना शुरू कर दिए हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो शिक्षा मंत्री बिहार के शिक्षा व्यवस्था को आने वाले दिनों में दुरुस्त करने की ओर कार्य करने की बात कर रहे हैं. आने वाले दिनों में पता चलेगा कि इन्होंने जो कहा उसपर अमल हुआ या नही?