CBSE Class 12 re-evaluation opens: आज से शुरू हुई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया, 11 लाख से ज्यादा आंसर शीट की मांग

विवाद बढ़ने के बाद CBSE को फीस स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव करना पड़ा. पहले छात्रों को काफी ज्यादा फीस देनी पड़ रही थी, जिस पर लगातार सवाल उठ रहे थे.

CBSE Class 12 Re-Evaluation
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST
  • आज से री-इवैल्यूएशन शुरू
  • छात्रों की शिकायतों के बाद शुरू हुई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया

CBSE Class 12 के रिजल्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच आज से री-इवैल्यूएशन विंडो भी खुल गई है. रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने कम नंबर, बिना जांचे जवाब और तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी. अब लाखों छात्र री-इवैल्यूएशन कराने की तैयारी में हैं.

CBSE के मुताबिक अब तक 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी आंसर शीट देखने के लिए आवेदन किया है. इन छात्रों ने कुल 11 लाख से ज्यादा आंसर बुक्स की मांग की है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने छात्र आगे री-इवैल्यूएशन तक जाएंगे.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने 28 मई को दिए इंटरव्यू में कहा था कि संभव है करीब 20 प्रतिशत छात्र ही आखिर तक री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करें. असली संख्या अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी.

OSM सिस्टम के बाद बढ़ा विवाद
इस साल CBSE ने पहली बार On-Screen Marking (OSM) सिस्टम लागू किया था. इसके तहत परीक्षकों ने फिजिकल कॉपियों की जगह स्कैन की गई डिजिटल आंसर शीट पर जांच की. बोर्ड का कहना था कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया तेज और ज्यादा पारदर्शी होगी. लेकिन रिजल्ट आने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई. कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें उम्मीद से बहुत कम नंबर मिले, कुछ जवाब चेक ही नहीं किए गए, स्कैन कॉपी धुंधली थी. कुछ छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिनमें दावा किया गया कि आंसर शीट के कुछ हिस्सों पर मार्किंग नहीं हुई थी या पेज मिसमैच थे.

11 लाख से ज्यादा आंसर शीट की मांग
CBSE के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 4,04,319 छात्रों ने आंसर शीट एक्सेस करने के लिए आवेदन किया है. कुल 11,31,961 आंसर बुक्स की मांग की गई है. इनमें से 8,98,214 आंसर शीट्स डिजिटल रूप से उपलब्ध भी कराई जा चुकी हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि इस बार छात्रों में मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कितना असंतोष और असमंजस है.

विरोध के बाद घटानी पड़ी फीस
बढ़ते विवाद और आलोचना के बीच CBSE ने पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की फीस में भी बड़ा बदलाव किया. पहले छात्रों को स्कैन कॉपी, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही थी.

अब नई फीस इस प्रकार है-

  • स्कैन कॉपी: 100 रुपए प्रति विषय

  • वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स: 100 रुपए प्रति विषय

  • री-इवैल्यूएशन: प्रति प्रश्न शुल्क

पहले स्कैन कॉपी के लिए 700 रुपए और वेरिफिकेशन के लिए 500 रुपए देने पड़ते थे. बोर्ड ने यह भी कहा है कि अगर री-इवैल्यूएशन के बाद नंबर बढ़ते हैं तो फीस वापस कर दी जाएगी.

ऐसे कर सकते हैं री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन
छात्र CBSE के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए पहले अपनी जांची हुई आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखनी होगी. इसके बाद छात्र यह जांच सकते हैं कि..

  • सभी सवाल चेक हुए हैं या नहीं

  • नंबर सही जोड़े गए हैं या नहीं

  • कोई पेज छूटा तो नहीं

  • किसी जवाब पर नंबर देना बाकी तो नहीं

अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो छात्र पहले वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और फिर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. CBSE ने साफ किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद नंबर बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या वैसे ही रह सकते हैं. संशोधित रिजल्ट को अंतिम माना जाएगा.

 

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