डीयू में फोर ईयर अंडरग्रेजुएट (FYUP) पाठ्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है. इसके तहत हर वर्ष के लिए संशोधित क्रेडिट सिस्टम लागू होगा. चार साल में 160 क्रेडिट हासिल करने पर ऑनर्स की डिग्री दी जाएगी. एफवाईयूपी को नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है. मौजूदा च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को इनोवेशन और लचीलेपन के साथ संशोधित किया गया है. इसका उदेश्य उच्च शिक्षा के तहत किसी छात्र की गहन स्तर पर रुचि विकसित करने के साथ उसे एक से ज्यादा क्षेत्रों के अध्ययन में सक्षम बनाना है. यह छात्रों को एक साल के लिए एक सर्टिफिकेट, दो साल के लिए डिप्लोमा और तीन या चार साल के लिए ऑनर्स कोर्स का विकल्प देगा.
मौजूदा सीबीएस विभिन्न विषय चुनने की अनुमति देता है. करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क तीन साल के पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम 120 क्रेडिट और चार साल में 160 क्रेडिट अनिवार्य किए गए हैं. डीयू में चार साल के कोर्स को पूरा करने वाले स्टूडेंट्स के अलावा उन छात्रों को भी ऑनर्स डिग्री दी जाएगी, जिन्होंने किसी एक खास सब्जेक्ट में तीन साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम को पूरा किया है. JNU, लखनऊ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान पहले ही FYUP को अपना चुके हैं.
कौन से बदलाव हुए?
छात्रों के पास न्यूनतम 120 क्रेडिट के साथ तीन साल के यूजी कोर्स को आगे बढ़ाने का विकल्प होगा. अंडरग्रेजुएट ऑनर्स डिग्री हासिल करने के लिए एक स्टूडेंट को 160 क्रेडिट के साथ चार साल की पढ़ाई पूरी करनी होगी. वर्तमान में तीन साल का कोर्स पूरा करने पर ऑनर्स डिग्री प्रदान की जाती है. पहली बार NDA के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कार्यकाल के तहत जब FYUP को लागू किया गया था तब भी इसे लेकर भारी विवाद हुआ था. हालांकि विरोध के बाद केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया था.
जो स्टूडेंट्स 3 साल में यूजी प्रोग्राम करना चाहते हैं. उन्हें तीन साल पूरा होने के बाद मेजर सब्जेक्ट में यूजी डिग्री दी जाएगी. अगर कोई छात्र 3 साल बाद स्नातक कोर्स छोड़ देता है तो उसे भी 3 साल बाद स्नातक ऑनर्स डिग्री मिलेगी.
जो छात्र पहले छह सेमेस्टर में न्यूनतम 75% और उससे ज्यादा अंक हासिल करते हैं और स्नातक स्तर पर शोध करना चाहते हैं, उन्हें चौथे साल में (Honours with Research) की डिग्री मिलेगी. तीन साल से पहले कॉलेज छोड़ने वाले छात्र बाहर निकलने के तीन साल के भीतर फिर से दाखिला ले सकेंगे.
एफवाईयूपी के तहत हर साल को दो सेमेस्टर में बांटा गया है. अगर कोई छात्र एक साल के बाद (40 क्रेडिट के साथ) बाहर निकलता है, तो उसे यूजी सर्टिफिकेट दिया जाएगा. दो साल बाद (80 क्रेडिट के साथ) कॉलेज ड्रॉप करने वाले छात्रों को यूजी डिप्लोमा सर्टिफिकेट मिलेगा और तीन साल के बाद (120 क्रेडिट के साथ) ग्रेजुएशन की डिग्री दी जाएगी.