बोर्ड परीक्षाओं के चलते गाजियाबाद में सख्ती, 27 मार्च तक धारा 163 की गई लागू, रात 10 बजे के बाद डीजे पर बैन

आगामी त्योहार जैसे रमजान, होली, नवरात्रि, ईद-उल-फितर और रामनवमी जैसे पर्वों को देखते हुए प्रशासन ने शांति व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, लेकिन विशेष जोर बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता और शांतिपूर्ण संचालन पर रखा गया है.

DJ music banned after 10 PM due to board exams
मयंक प्रताप सिंह
  • गाजियाबाद,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:35 PM IST

गाजियाबाद में बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं. यूपी बोर्ड, सीबीएसई (CBSE) और Council for the Indian School Certificate Examinations (ICSE) की परीक्षाओं के मद्देनजर गाजियाबाद में धारा 163 लागू कर दी गई है. यह 18 फरवरी से 27 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक लागू रहेगी.

त्योहारों के बीच परीक्षा पर खास फोकस
आगामी रमजान, होली, नवरात्रि, ईद-उल-फितर और रामनवमी जैसे त्योहारों को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है. हालांकि मुख्य जोर परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों को शांत माहौल देने पर है.

डीजे-लाउडस्पीकर पर सख्ती
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा अवधि में रात 10 बजे के बाद किसी भी कार्यक्रम में डीजे की अनुमति नहीं होगी. तय समय के भीतर भी ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 और उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार डेसीबल सीमा का पालन अनिवार्य होगा. परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

200 मीटर तक बाहरी लोगों की एंट्री बंद
परीक्षा केंद्र के 200 मीटर दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति को खड़े होने या प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. केंद्र से एक किलोमीटर के दायरे में फोटो कॉपी और स्कैनर की दुकानें परीक्षा समय में बंद रहेंगी. परीक्षार्थियों को नोटबुक, किताब, गैस पेपर या किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं है. मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरबड सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षार्थियों के साथ-साथ कक्ष निरीक्षकों के लिए भी प्रतिबंधित रहेंगे.

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
परीक्षा स्थल पर हथियार ले जाने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी. पांच या उससे अधिक लोगों का बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होना प्रतिबंधित रहेगा. बिना अनुमति जुलूस, धरना या रैली आयोजित करने पर भी कार्रवाई होगी. सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी.

(मयंक गौर की रिपोर्ट)

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