गुजरात की प्राइवेट स्कूल में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत पहली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई है. शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 में RTE के तहत प्रवेश पाने के लिए अभिभावकों को 17 अप्रैल 2026 तक जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा. इसके बाद राज्य की प्राइवेट स्कूलों की पहली कक्षा में कुल संख्या के 25 प्रतिशत के मुताबिक शिक्षा विभाग की तरफ से 84000 जितनी सीट पर RTE के तहत बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा.
ऑनलाइन फॉर्म करना होगा सबमिट
RTE के नियमों के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों को राज्य की प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है. इसके लिए अभिभावकों को वेबसाइट https://rte.orpgujarat.com पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करना होगा. फॉर्म भरते समय अभिभावकों को जरूरी डॉक्यूमेंट ऑनलाइन अपलोड करने होंगे. जिसमें बच्चों का बर्थ सर्टिफिकेट, रेजिडेंशियल ऐड्रेस, केटेगरी सर्टिफिकेट, आईटी रिटर्न, इनकम सर्टिफिकेट, अगर कोई अभिभावक आईटी रिटर्न न भर रहे हो ऐसे मामले में इनकम टैक्स के पात्र न होने का सेल्फ डिक्लेरेशन अभिभावक को ऑनलाइन अपलोड करना होगा.
बच्चे की उम्र 6 साल जरूरी
इस साल RTE के तहत राज्य की 9700 से अधिक स्कूलों में RTE के तहत पहली कक्षा में कुल संख्या के 25 प्रतिशत के मुताबिक बच्चों को प्रवेश दिए जाएगे. इनमें गुजराती, अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू समेत अन्य भाषाओं की स्कूल शामिल हैं. RTE के नियमों के तहत प्रवेश के लिए 1 जून 2026 के दिन बच्चे की उम्र 6 साल पूरी होनी चाहिए. इससे कम उम्र के बच्चे को प्रवेश के लिए मान्य नहीं माना जाएगा. RTE का ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अभिभावकों को प्रवेश के लिए अपने रेजिडेंशियल ऐड्रेस से करीब कि लगभग 8/10 किमी जितनी प्राइवेट स्कूल पसंद करनी होगी. नियमों के अनुसार अभिभावकों द्वारा पसंद की हुई स्कूल की अग्रताक्रम के मुताबिक बच्चों को प्रवेश दिया जाता है. ऑनलाइन फॉर्म सबमिट हो जाने के बाद अभिभावकों को ऑनलाइन फॉर्म की प्रिंट अपने पास रखनी होगी. ऑनलाइन फॉर्म अभिभावकों को कहीं सबमिट करना नहीं होगा.
सरकार की तरफ से चुकाई जाती है फीस
बता दें की, RTE के तहत प्रवेश पाने की पात्रता के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपए तय की गई है. 6 लाख से कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों को प्रवेश में अग्रिमता दी जाती है. इसके साथ ही प्रवेश के लिए 13 केटेगरी निश्चित की गई है. जिसमें अनाथ बच्चे, बाल मजदूर, दिव्यांग, शहीद जवान के बच्चे, बीपीएल कार्डधारक, एससी/एसटी,ईडब्ल्यूस में आनेवाले बच्चों को प्रवेश में अग्रिमता मिलती है. एक बार बच्चों को RTE के तहत गुजरात की प्राइवेट स्कूल की पहली कक्षा में प्रवेश मिलने के बाद आठवीं कक्षा तक कि फीस सरकार की तरफ से स्कूल को चुकाई जाती है.