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Guna News: प्रैक्टिकल में 'खेल'! क्लास टॉपर को 10 अंक, फेल होने वाले स्टूडेंट्स को दिए 20 नंबर, महज 5 हजार रुपए के लिए छात्रा के भविष्य से खिलवाड़

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक छात्रा और उसके अभिभावक ने पैसे नहीं देने पर प्रैक्टिकल में कम नंबर देने का आरोप लगाया है. छात्रा ने आरोप लगाया है कि एक शिक्षिका ने पैक्टिकल में अच्छा नंबर देने के लिए उससे 5 हजार रुपए मांगे थे, जब उसने रुपए नहीं दिए तो उसके नंबर काट दिए गए. आइए जानते हैं पूरा मामला.  

Student with her Father
gnttv.com
  • गुना,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:44 PM IST

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार के नुमाइंदे अब बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ करने पर आमादा हैं. जी हां, मध्य प्रदेश के गुना जिले के चाचौड़ा में बेहद हैरान करने वाले मामले में महज 5 हजार रुपए के लिए एक होनहार छात्रा के भविष्य को ताक पर रख दिया गया. आरोप है कि सरकारी शिक्षिका ऊषा कुशवाह ने छात्रा से 5 हजार रुपए की डिमांड की, जिसे पूरा नहीं करने पर प्रैक्टिकल में नंबर काट दिए गए. टीचर ने फेल छात्रों को प्रैक्टिकल में 20 नंबर दे दिए और पैसे नहीं देने के चलते अव्वल छात्रा महक शर्मा को 10 नंबर पर ही रोक दिया. 

कलेक्टर से शिकायत
12वीं क्लास की छात्रा महक शर्मा पढ़ाई-लिखाई में हमेशा अव्वल रहती थी. 10वीं क्लास में भी टॉप किया था और अब 12वीं क्लास में भी 69.2% अंकों के साथ स्कूल टॉपर रहीं. यदि प्रैक्टिकल में नंबर नहीं काटे जाते तो और भी ज्यादा अंक मिल जाते. इस घटना के बाद से छात्रा बेहद तनाव में है. पिता के साथ कलेक्टर से शिकायत करने गुना पहुंची महक शर्मा फूट फूटकर रोने लगी.

तनाव में है छात्रा
महक ने बताया कि वो चाचौड़ा के बरखेड़ा खुर्द शासकीय स्कूल की छात्रा है. स्कूल में हमेशा टॉप करती थी. 12वीं के पेपर से पहले स्कूल की प्राचार्या ऊषा कुशवाह ने पैसों की डिमांड की. ऊषा कुशवाह ने 1 हजार रुपए प्रति प्रेक्टिकल के हिसाब से 5 हजार रुपए मांगे थे. जिसे नहीं देने पर प्रैक्टिकल में नंबर काटने और प्राइवेट स्टूडेंट में तब्दील करने की धमकी दी गई. जब ये बात मैंने अपने पिता को बताई तो उन्होंने गंभीरता से नहीं ली लेकिन जब 12वीं क्लास का रिजल्ट आया तो उसमें मुझे प्रैक्टिकल में सबसे कम अंक दिए गए जबकि क्लास के फेल छात्रों को मुझसे अधिक 20 अंक दिए गए. छात्रा ने बताया कि वो तनाव में है न खाने-पीने में मन लग रहा है और न ही पढ़ाई लिखाई में.

जांच कि दिए आदेश 
छात्रा के पिता मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी बच्ची स्कूल की टॉपर है. 12 वीं के प्रैक्टिकल में उसके नम्बर जानबूझकर काट लिए गए. कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि उनके सामने प्रकरण आया है, जिसमें छात्रा के प्रैक्टिकल में नम्बर काटे गए हैं. इस मामले की जांच और रिटोटलिंग के लिए शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं. 

(विकास दीक्षित की रिपोर्ट)


 

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