अगर आप किसी ऐसे करियर की तलाश में हैं, जो अच्छी कमाई के साथ-साथ डिमांड में भी हो, तो योग का सेक्टर आपकी इस तलाश को पूरा करेगा. पिछले कुछ सालों में योग इतना फेमस हो चुका है कि न केवल भारत बल्कि विदेश में भी इसका बोल बाला है. हेल्थ, फिटनेस और वेलनेस को लेकर बढ़ती अवेयरनेस के कारण ट्रेन्ड योग एक्सपर्ट्स की मांग बढ़ती जा रही है. ऐसे में इस सेक्टर यह सेक्टर एक प्रोफेशनल इंडस्ट्री का रूप ले चुका है.
योग की पढ़ाई करने के बाद आप योग ट्रेनर, योग थेरेपिस्ट, रिसर्चर, वेलनेस कंसल्टेंट या कॉर्पोरेट योग इंस्ट्रक्टर के रूप में करियर बना सकते हैं. इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, जिम, रिसॉर्ट्स और कॉर्पोरेट कंपनियां भी योग एक्सपर्ट्स की भी डिमांड रहती है. कोविड-19 के बाद ऑनलाइन योग क्लासेस का चलन भी तेजी से बढ़ा है, जिससे योग ट्रेनर्स को देश-विदेश के क्लाइंट्स के साथ काम करने का मौका मिला है.
योग में करियर बनाने के छात्र 12वीं के बाद बीएससी योग, बीए योग या डिप्लोमा जैसे कोर्स चुन सकते हैं. इन कोर्सों में योग विज्ञान, शरीर रचना, मानसिक स्वास्थ्य और योग के वैज्ञानिक पहलुओं की पढ़ाई कराई जाती है. वहीं ग्रेजुएशन के बाद एमए योग, एमएससी योग और पीजी डिप्लोमा जैसे उच्च शिक्षा कोर्स भी मौजूद हैं. इसके अलावा 200, 300 और 500 घंटे के योग टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स भी काफी पॉपुलर हैं, जो योग ट्रेनर बनने में मदद करते हैं.
देश में कई संस्थान योग शिक्षा प्रदान कर रहे हैं. इनमें ईशा हठ योग स्कूल (कोयंबटूर), पतंजलि इंटरनेशनल योग फाउंडेशन (ऋषिकेश), बिहार योग विद्यालय (मुंगेर), कैवल्यधाम (लोनावाला), मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (नई दिल्ली) और योग संस्थान (मुंबई) जैसे नाम बड़े नाम शामिल हैं.
योग सेक्टर में इनकम आपकी पढ़ाई और एक्सपीरियंस पर डिपेंड करती है. सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले शुरुआती स्तर पर 1 से 2 लाख रुपए सालाना कमा सकते हैं, जबकि डिप्लोमा वालों की आय 1.5 से 3.5 लाख रुपए तक पहुंच सकती है. ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों को 4 से 8 लाख रुपए सालाना तक का पैकेज मिल सकता है. वहीं अनुभवी योग प्रोफेशनल और फ्रीलांसर 9 से 15 लाख रुपए या उससे अधिक की कमाई भी कर सकते हैं.