Advertisement

IIT की परीक्षा के दिन नींद आ गई थी, रात ढाई बजे गंगा किनारे क्यों चले गए थे खान सर, जानें उनके किस्से

मशहूर टीचर खान सर अपने कोचिंग सेंटर पर हमले को लेकर सुर्खियों में हैं. खान सर के कोचिंग पर पहले भी बम फोड़ा जा चुका है. इसका किस्सा खान सर ने खुद सुनाया था. चलिए आपको खान सर के किस्से बताते हैं.

Khan Sir
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:02 PM IST

मशहूर टीचर खान सर एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार चर्चा की वजह उनके कोचिंग सेंटर पर हमला है. कोचिंग सेंटर के बाहर लगे पोस्टर फाड़े गए. गार्ड से मारपीट की गई. इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. इस घटना के बाद हर कोई खान सर के बारे में जानना चाहता है. खान सर स्टूडेंट्स में काफी पॉपुलर हैं. यूट्यूब पर उनके 2.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं. खान सर ने काफी संघर्ष के बाद इस मुकाम पर पहुंचे हैं. चलिए आपको खान सर की जिंदगी के कुछ किस्से बताते हैं.

IIT की परीक्षा के दिन सोने का किस्सा-
खान सर ने अपनी जिंदगी के जुड़े किस्से कई बार शेयर किए हैं. उन्होंने एक बार बताया था कि उनका सपना फौज में जाने का था. उन्होंने बताया कि मैट्रिक के पास एनडीए की परीक्षा दी. लेकिन मेडिकल में पास नहीं हो पाया. हाथ थोड़ा सा टेढ़ा निकल गया था. खान सर ने आईआईटी की परीक्षा को लेकर भी किस्सा बताया था. उन्होंने कहा कि आईआईटी की परीक्षा के दिन आ गई थी. इसलिए परीक्षा नहीं दे पाया था.

कोचिंग में बम फोड़ने वाला किस्सा-
खान सर ने एक बार कोचिंग संस्थान में बम फोड़ने वाला किस्सा बताया था. उन्होंने बताया था कि कोचिंग अच्छा चल रहा था. एक दिन किसी ने कोचिंग पर बम फोड़ दिया. इसके बाद छात्रों ने कहा कि कोचिंग शुरू कीजिए. हम आपके साथ हैं. इसके बाद फिर से कोचिंग शुरू हुआ.

मम्मी रहती थी परेशान-
खान सर ने अपनी मम्मी का किस्सा सुनाया था. उन्होंने कहा था कि मैं बचपन में बहुत बदमाश था. मेरी मम्मी मुझसे परेशान रहती थी. हम लोग दिनभर गुल्ली डंडा खेलते थे. रोज किसी ना किसी से झगड़ होता था. मम्मी परेशान रहती थी कि ये जिंदगी में क्या करेगा?

रात ढाई बजे गंगा किनारे जाने वाला किस्सा-
खान सर ने उन दिनों का किस्सा सुनाया था, जब उनकी जिंदगी में काफी चुनौतियां थी. उन्होंने बताया कि कुछ पार्टनर्स की मदद से खान जीएस रिसर्च सेंटर खोला. लेकिन दिक्कतें कम नहीं हुईं. उन्होंने बताया था कि पार्टनर्स उनका कोचिंग सेंटर हड़पना चाहते थे. इससे मैं परेशान हो गया. मेरी जेब में 40 रुपए थे. जबकि घर लौटने का किराया 90 रुपए था. कुछ समझ नहीं आ रहा था. इसके बाद मैं गंगा किनारे जाकर बैठ गया. जब घर लौटा तो दोस्तों ने पूछा कि कितना बजा है? घड़ी देखा तो ढाई बज रहे थे. समय कैसे बीत गया, पता ही नहीं चला.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement