बिहार के नवादा जिले के छोटे से कस्बे वरीसालीगंज के रहने वाले आयुष भालोटिया ने मेहनत और लगन की मिसाल पेश की है. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 में उन्होंने 710 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR)-4 प्राप्त की है. खास बात यह है कि आयुष अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के पहले डॉक्टर बनने जा रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.
बचपन से था डॉक्टर बनने का सपना
आयुष ने बताया कि उनका सपना बचपन से ही डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का था. इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की और दो साल तक एलन करियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरूम प्रोग्राम से तैयारी की. उनका कहना है कि संस्थान की पढ़ाई, नियमित टेस्ट और बार-बार रिवीजन ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई.
10वीं और 12वीं में भी रहे टॉपर
आयुष शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं. उन्होंने 10वीं में 96.2 प्रतिशत और 12वीं में 93.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. स्कूल के दिनों से ही उन्होंने मेडिकल की तैयारी का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार आगे बढ़ते रहे.
हर टेस्ट के बाद गलतियों से सीखा
आयुष का मानना है कि सिर्फ पढ़ाई करना ही काफी नहीं होता, बल्कि अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारना भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि हर टेस्ट के बाद वह अपनी कमजोरियों का विश्लेषण करते थे और अगली बार उन्हें दोहराने से बचते थे. क्लासरूम पढ़ाई के अलावा वह रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी भी करते थे.
भाई की गाइडेंस और परिवार का मिला पूरा साथ
आयुष अपनी सफलता का श्रेय परिवार और बड़े भाई अर्पित भालोटिया को भी देते हैं. अर्पित आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई कर चुके हैं और फिलहाल अमेरिका से पीएचडी कर रहे हैं. उन्होंने तैयारी के दौरान समय-समय पर आयुष का मार्गदर्शन किया. वहीं, पिता सुनील कुमार स्टील का बिजनेस करते हैं, उन्होंने पढ़ाई के लिए हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई. मां किरण देवी ने भी हर मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया.
मेंटल प्रेशर आया, लेकिन हार नहीं मानी
आयुष ने बताया कि NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार मानसिक दबाव महसूस हुआ. हालांकि परिवार और एलन के शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने खुद को हमेशा सकारात्मक बनाए रखा. पढ़ाई के बीच तनाव दूर करने के लिए वह शतरंज (Chess) खेलते थे.
NEET की तैयारी करने वालों को दी खास सलाह
आयुष का कहना है कि NEET की तैयारी कर रहे छात्रों को NCERT की किताबों पर मजबूत पकड़ बनानी चाहिए. इसके साथ ही नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट को गंभीरता से देना और अपनी गलतियों का विश्लेषण करना बेहद जरूरी है.