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NEET UG Counselling 2021: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण काउंसलिंग में हो सकती है देरी, जानें क्यों?

एमसीसी ने 10 दिसंबर को स्नातक मेडिकल उम्मीदवारों को सूचित किया कि मामला भारत के सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी. इसका मतलब यह हो सकता है कि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट काउंसलिंग 2021 शुरू होगी.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण काउंसलिंग में हो सकती है देरी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:29 PM IST
  • 6 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
  • ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए वार्षिक आय मानदंड पर प्रतिक्रिया की मांग
  • एमसीसी ने स्पष्ट नहीं की वजह

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2021 के परिणाम एक महीने पहले घोषित किए जा चुके हैं. प्रवेश परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों को अब काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार है. ऐसे में अब से पता चला है कि छात्रों के प्रक्रिया शुरू होने के लिए एक महीने का इंतजार करना होगा. सूत्रों के मुताबिक अखिल भारतीय कोटे की मेडिकल सीटों में ओबीसी को 27 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस छात्रों को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए केंद्र और चिकित्सा परामर्श समिति की अधिसूचना के खिलाफ एक याचिका इस साल नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी का कारण हो सकती है. 

6 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
एमसीसी ने 10 दिसंबर को स्नातक मेडिकल उम्मीदवारों को सूचित किया कि मामला भारत के सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी. इसका मतलब यह हो सकता है कि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट काउंसलिंग 2021 शुरू होगी. इसी वजह से NEET PG काउंसलिंग में भी देरी हुई है. 

ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए वार्षिक आय मानदंड पर प्रतिक्रिया की मांग
जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि केंद्रीय पूल के तहत आने वाली सभी मेडिकल सीटों पर 27 प्रतिशत ओबीसी और 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है. इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए वार्षिक आय मानदंड के रूप में 8 लाख रुपये तय करने के औचित्य पर सवाल उठाया था और केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी थी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नवंबर में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए निर्धारित 8 लाख रुपये के आय मानदंड पर फिर से विचार करेगा और चार सप्ताह में फैसला करेगा.  नीट पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया तब तक शुरू नहीं होगी.

एमसीसी ने स्पष्ट नहीं की वजह
हालांकि एमसीसी स्पष्ट रूप से यह नहीं बताता है कि नीट यूजी काउंसलिंग में देरी क्यों हुई, अधिसूचना बताती है कि लंबित सुप्रीम कोर्ट का मामला देरी का कारण हो सकता है. 15 फीसदी अखिल भारतीय सीटों के लिए नीट काउंसलिंग mcc.nic.in पर आयोजित की जाएगी.
 

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