Advertisement

किताबों से आगे बढ़ी पढ़ाई, स्क्रीन पर वीडियो-देख सीख रहे सोनभद्र के बच्चे, AI और इंटरनेट को लेकर भी बढ़ी जिज्ञासा

सहायक शिक्षक के मुताबिक स्मार्ट क्लास का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें शिक्षा को मनोरंजन और नई तकनीक से जोड़ा गया है. सामान्य तरीके से पढ़ाई करते समय कई बार बच्चों का ध्यान भटकने लगता है, लेकिन डिजिटल सामग्री उन्हें विषय से जोड़कर रखती है.

Smart classes
विधु शेखर मिश्रा
  • सोनभद्र,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय हिनौता में स्मार्ट क्लास के जरिए बच्चों को पढ़ाई का नया अनुभव मिल रहा है. यहां किताबों और ब्लैकबोर्ड के साथ स्क्रीन, वीडियो, चित्र और डिजिटल कंटेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे मुश्किल लगने वाले विषय भी बच्चों को आसानी से समझ आ रहे हैं. खास बात यह है कि पढ़ाई के दौरान बच्चे सवाल पूछने के साथ-साथ इंटरनेट और एआई के बारे में जानने में भी रुचि दिखा रहे हैं.

स्क्रीन पर वीडियो और चित्रों से समझते हैं विषय
स्मार्ट क्लास में शिक्षक किसी विषय को सिर्फ बोलकर या किताब पढ़ाकर समझाने के बजाय स्क्रीन पर उससे जुड़े वीडियो, तस्वीरें और डिजिटल सामग्री दिखाते हैं. इससे बच्चों को विषय को देखने और समझने का मौका मिलता है. बच्चों का कहना है कि चित्रों और वीडियो के जरिए पढ़ाई करना उन्हें अच्छा लगता है और इससे कठिन विषय भी आसानी से समझ में आते हैं.

बच्चों में सवाल पूछने की आदत बढ़ी
सहायक शिक्षक के मुताबिक स्मार्ट क्लास का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें शिक्षा को मनोरंजन और नई तकनीक से जोड़ा गया है. सामान्य तरीके से पढ़ाई करते समय कई बार बच्चों का ध्यान भटकने लगता है, लेकिन डिजिटल सामग्री उन्हें विषय से जोड़कर रखती है. शिक्षक बताते हैं कि अब बच्चे सिर्फ शिक्षक से सवाल नहीं पूछते, बल्कि किसी विषय के बारे में खुद भी इंटरनेट पर जानकारी तलाशने की कोशिश करते हैं.

AI और इंटरनेट को लेकर बच्चों में जिज्ञासा
क्लास में जब शिक्षक बच्चों को एआई, गूगल और इंटरनेट के बारे में बताते हैं तो बच्चों की जिज्ञासा और बढ़ जाती है. वे जानना चाहते हैं कि इंटरनेट पर इतनी सारी जानकारी आती कहां से है और एआई किस तरह काम करता है. शिक्षकों का मानना है कि बच्चों में सवाल पूछने की आदत विकसित होना सीखने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. जब बच्चा किसी बात को जानने के लिए सवाल करता है तो उसके सीखने की संभावना बढ़ती है.

51 स्कूलों में स्थापित हुई स्मार्ट क्लास
रॉबर्ट्सगंज के खंड शिक्षा अधिकारी के मुताबिक विकासखंड के 51 उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं. राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ की ओर से इन स्कूलों को डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया गया है. स्कूलों में समय-सारणी के अनुसार रोजाना 2 से 3 घंटे स्मार्ट क्लास चलाने के निर्देश दिए गए हैं.

डिजिटल ब्लैकबोर्ड की तरह भी काम करती है
स्मार्ट क्लास सिर्फ वीडियो दिखाने तक सीमित नहीं है. यह डिजिटल ब्लैकबोर्ड की तरह भी काम करती है. शिक्षक स्क्रीन पर विषय से जुड़ी सामग्री दिखाकर उसे विस्तार से समझा सकते हैं. इससे शिक्षक के लिए पढ़ाना और बच्चों के लिए समझना आसान हो रहा है. स्कूल में बच्चे आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे उनका डिजिटल दुनिया से परिचय भी कम उम्र में हो रहा है.
 

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement