Advertisement

Inspirational: छात्रों को स्पोर्ट्स और फिजिक्स के बीच का कनेक्शन सिखा रहा है सरकारी स्कूल का यह टीचर

पुदुचेरी के मुथिरापालयम में इलांगो आदिगल गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में फिजिक्स टीचर, श्रीराम ने क्लास लर्निंग को स्पोर्ट्स के साथ जोड़ने का सफर शुरू किया है. इस पहल की वजह से बच्चों की सब्जेक्ट में दिलचस्पी बढ़ने के साथ-साथ खेलों की तकनीक भी बेहतर हुई है.

Representational Image
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST

वैसे तो लोग इसी धारणा में विश्वास करते हैं कि अगर कोई बच्चा खेल में अच्छा है तो वह पढ़ाई में बस ठीकठाक होगा या पढ़ाई से भागता होगा. और वहीं, पढ़ने वाले बच्चे स्पोर्ट्स या किसी अन्य गतिविधि में ज्यादा शामिल नहीं होते हैं. पर पुदुचेरी के एक सरकारी स्कूल के फिजिक्स टीचर, एस. श्रीराम इस धारणा को बदल रहे हैं. उनकी कोशिश है कि बच्चे पढ़ाई में भी अच्छे हों और खेलों में भी सक्रिय रहें. वह अपने छात्रों को बैट और पेन, दोनों के साथ देखना चाहते हैं. 

शिक्षा को जोड़ा खेल से 
पुदुचेरी के मुथिरापालयम में इलांगो आदिगल गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में फिजिक्स के टीचर श्रीराम ने क्लासरूम लर्निंग को खेलों के साथ जोड़ रहे हैं. वह चाहते थे कि छात्र फिजिक्स और खेल के बीच संबंध को समझें और बड़े-बड़े शब्दों से डरें नहीं. इससे उन्होंने प्रैक्टिकल लर्निंग को टेक्स्टबुक लर्निंग से जोड़ा. कक्षा 11 के छात्रों के लिए सीबीएसई कोर्स की शुरुआत के बाद, एप्लिकेशन-बेस्ड शिक्षा के लिए जरूरी है कि कॉन्सेप्ट्स की अच्छी समझ हो. 

इसलिए श्रीराम ने छात्रों को फिजिक्स पढ़ाने के लिए उनके पसंदीदा खेलों का सहारा लिया. जो कुछ भी वह क्लास में पढ़ाते थे उसे बाद में खेलों के माध्यम से समझाते थे. इस दृष्टिकोण ने फिजिक्स में छात्रों की रुचि जगाई और साथ ही, छात्रों को वैज्ञानिक सिद्धांतों को लागू करके अपनी खेल तकनीकों को बेहतर बनाने में मदद मिली. 

खेलों में लगा रहे वैज्ञानिक सिद्धांत 
हाल ही में, 'बैगलेस डे' कार्यक्रम के दौरान, छात्रों ने कक्षा में सीखे गए भौतिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके खेल के मैदान में प्रभावशाली प्रदर्शन किया. स्कूल के फुटबॉल खिलाड़ियों ने गोल शॉट्स, पेनल्टी किक और हेडर के माध्यम से बर्नौली के सिद्धांत, मैग्नस इफेक्ट और न्यूटन के नियमों का उपयोग करके अपने कौशल का प्रदर्शन किया. ज्वेलिन खेलने वाले कई छात्रों ने प्रोजेक्टाइल मोशन,फ्लाइट टाइम, फ्लाइट एंगल, अधिकतम ऊंचाई और अपने थ्रो को मैक्सिमाइज करने के लिए होरिजॉन्टल दूरी के कॉन्सेप्ट्स को समझा. 

कैरम बोर्ड खेलते समय श्रीराम ने छात्रों को विस्थापन के सिद्धांत, परावर्तन के नियम और घर्षण के नियम समझाये. रनिंग ट्रैक पर, उन्होंने लेन को दस भागों में विभाजित किया और छात्रों को वेलॉसिटी और सेंट्रिपेटल फोर्स समझने का मौका मिला. श्रीराम पिछले साल से लर्निंग को प्रैक्टिकल एप्रोच के साथ जोड़कर बच्चों को पढ़ा रहे हैं.  

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement