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Teacher giving free coaching to students: गरीब घरों के बच्चों को नवोदय स्कूल के एंट्रेंस और सरकारी स्कॉलरशिप्स की तैयारी करा रहा है यह शिक्षक

उत्तर प्रदेश में एक प्राथमिक स्कूल का शिक्षक यूट्यूब के जरिए ग्रामीण परिवेश के गरीब बच्चों को सरकारी स्कॉलरशिप्स और नवोदय स्कूल के एंट्रेंस एग्जाम आदि के लिए तैयार कर रहा है.

Ajay Kumar (Photo: Twitter)
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 19 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST
  • कोरोना के दौरान पढ़ाया बच्चों को 
  • YouTube के जरिए करा रहे तैयारी 

कहते हैं कि अगर गुरु सही हो बहुत से छात्रों का जीवन संवर जाता है. और इस बात को हकीकत साबित कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के शिक्षक अजय कुमार. अजय कुमार पिछले काफी समय से गरीब परिवेश से आने वाले छात्रों का जीवन संवार रहे हैं. वह यूट्यूब, व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके छात्रों को नवोदय स्कूल के एंट्रेंस और विभिन्न तरह के स्कॉलरशिप प्रोग्राम्स के लिए तैयार कर रहे हैं. 

गांव कनेक्शन की रिपोर्ट के मुताबिक, अजय कुमार 2006 से पढ़ा रहे हैं. उन्हें उत्तर प्रदेश के वाराणसी में खेवली गांव के एक प्राथमिक विद्यालय में सरकारी शिक्षक की नौकरी मिली. वह कक्षा एक से पांच तक को अंग्रेजी और गणित पढ़ाते हैं. उनका कहना है कि उनकी जिंदगी में कोविड महामारी के बाद काफी बदलाव आया. 

कोरोना के दौरान पढ़ाया बच्चों को 
कोरोना के दौरान अजय ने कुछ गांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया. इस दौरान सभी COVID प्रोटोकॉल को बनाए रखा और धीरे-धीरे काफी ज्यादा बच्चे आने लगे. उन्होंने महामारी के दौरान बच्चों के साथ बिताए समय के दौरान उन्हें नवोदय विद्यालय में 6वीं कक्षा में प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किया. 
आपको बता दें कि जवाहर नवोदय विद्यालय भारत में मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाशाली छात्रों के लिए केंद्रीय विद्यालयों की एक प्रणाली है, जो गरीब और पिछड़े घरों से आने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को सही शिक्षा से जोड़ती है. 

अजय ने सोचा कि अगर बच्चों का दाखिला नवोदय में हो जाता है तो उनका जीवन संवर जाएगा. और दिलचस्प बात यह है कि उनके एक छात्र का पिछले साल नवोदय में दाखिला हुआ भी. गांव कनेक्शन की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरज पटेल नामक छात्र को 2022 में नवोदय विद्यालय में दाखिला मिला था. उनके माता-पिता पावरलूम में काम करते हैं. उनके पास मुश्किल से इतना हो पाता है कि वे पर्याप्त खा सकें. लेकिन नवोदय विद्यालय में दाखिले के बाद सूरज का जीवन संवर गया.

YouTube के जरिए करा रहे तैयारी 
लॉकडाउन के बाद उनके पास मुफ्त कोचिंग के लिए आने वाले छात्रों की संख्या कम हो गई. ऐसे में, उन्हें YouTube पर अपनी कोचिंग जारी रखने का विचार आया, और अब वह ऐसे छात्रों को डेढ़ साल से ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं. उनका YouTube चैनल 15 अगस्त, 2021 को शुरू हुआ और इसका नाम है - नव शिक्षण. इस पर वह छात्रों को नवोदय विद्यालय के एंट्रेंस की तैयारी कराते हैं. वह अपने नियमित स्कूल के घंटों के बाद YouTube चैनल के लिए समय निकालते हैं. 

इसे साथ ही, वह छात्रों को प्रधानमंत्री यशस्वी (वाइब्रेंट इंडिया के लिए यंग अचीवर्स छात्रवृत्ति पुरस्कार योजना) और श्रेष्ठ योजना (लक्षित क्षेत्रों में उच्च विद्यालयों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना) के लिए भी तैयार कर रहा हूं. पांच हजार से ज्यादा छात्र उनसे व्हाट्सएप के जरिए जुड़े हैं. वह उनके साथ रोजाना नोट्स और वीडियो शेयर करते हैं. आज उनके कई छात्र शिव नादर फाउंडेशन की एक पहल, विद्याज्ञान स्कूल, सीतापुर में हैं, जहाँ लाखों आवेदकों में से केवल 200 छात्रों का चयन किया जाता है.

 

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