यूपीपीएससी पीसीएस का फाइनल नतीजे घोषित हो गए है. इस बार बेटियों ने परचम लहराया है. मेहनत, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प का जीवंत उदाहरण बनकर अयोध्या की बेटी अनामिका मिश्रा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा 2024 में चौथी रैंक हासिल की. सीमित संसाधनों और बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम अनामिका को ये सफलता मिली है.
अयोध्या में शुरुआती पढ़ाई-
अनामिका की प्रारंभिक शिक्षा अयोध्या से हुई है. उन्होंने हर पड़ाव पर अपने प्रदर्शन से साबित किया कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, हौसले बुलंद हों तो सफलता जरूर मिलती है. अनामिका ने साल 2010 में 78 फीसदी अंक के साथ हाईस्कूल पास किया. उन्होंने साल 2012 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की. साल 2015 में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से अनामिका ने 64 फीसदी नंबर के साथ बीएससी की डिग्री हासिल की. उन्होंने साल 2017 में 92 फीसदी अंक के साथ बीटीसी पास किया.
पिता रेलवे में, खुद टीचर-
अनामिका फिलहाल बस्ती के विकासखंड विक्रमजोत स्थित प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत है. अनामिका साल 2018 में जॉब कर रही हैं. अनामिका की सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग रहा है. पिता महेंद्र नाथ मिश्रा रेलवे में स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. अनामिका की मां हाउस वाइफ हैं.
सेल्फ स्टडी से मिली सफलता-
आज प्रतियोगी परीक्षाओं में महंगी कोचिंग को सफलता का जरिया माना जाता है, ऐसे में अनामिका ने सेल्फ स्टडी के बल पर यह मुकाम हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है. उनकी यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं.
अनामिका की उड़ान अभी थमी नहीं है. 10 अप्रैल 2026 को BPSC इंटरव्यू प्रस्तावित है. PCS 2025 मेंस परीक्षा भी दे चुकी हैं. अनामिका मिश्रा की कहानी यह साबित करती है कि सच्ची लगन, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
(मयंक शुक्ला की रिपोर्ट)
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