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Lucknow: योगी सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों को दिया तोहफा, मेरिट के आधार पर वरीयता प्रणाली लागू, नियमावली में किया गया संशोधन

Yogi Government ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की ओर से संचालित राज्य छात्रवृत्ति योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से नियमावलियों में संशोधन किए हैं. संशोधित नियमावली के तहत अब मेरिट बेस्ड वरीयता प्रणाली को लागू किया जा रहा है. इससे अल्पसंख्यक छात्रों को लाभ मिलेगा.

योगी सरकार ने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को दिया तोहफा (फाइल फोटो)
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 27 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:13 PM IST
  • अल्पसंख्यक समुदाय के अभ्यर्थियों के चयन में आएगी पारदर्शिता 
  • बजट का अनुपातिक रूप से किया गया है निर्धारण 

योगी सरकार प्रदेश की योजनाओं में बिना भेदभाव के हर किसी को उसका हक देने की पक्षधर है. इसी के तहत अब योगी सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों को बड़ा तोहफा दिया है. अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की ओर से संचालित राज्य छात्रवृत्ति योजनाओं में पारदर्शिता, प्रक्रियाओं का सरलीकरण एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने नियमावलियों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं. संशोधित नियमावली के तहत अब मेरिट बेस्ड वरीयता प्रणाली को लागू किया जा रहा है. 

शिक्षण संस्थाओं के लिए AISHE/UDISE कोड अनिवार्य
इसमें आधार वेरिफिकेशन और आधार बेस्ट पेमेंट सिस्टम (डीबीटी) प्रणाली से भुगतान किए जाने की व्यवस्था की गई है. यही नहीं, शिक्षण संस्थाओं के लिए AISHE/UDISE कोड की अनिवार्यता की गई है. दशमोत्तर के विभिन्न कोर्स ग्रुप्स के लिए बजट का अनुपातिक रूप से निर्धारण किया गया है, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को अधिक संख्या में लाभान्वित किया जा सके. 

उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रचलित व्यवस्था में रिन्यूअल कैटेगरी के आवेदकों को प्राथमिकता एवं वरीयता दिए जाने के कारण उच्चतर मेधा वाले नई कैटेगरी के आवेदक लाभान्वित होने से वंचित रह जाते थे. नई नियमावली में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की उच्च मेधा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मेरिट आधारित प्रणाली को लागू किया गया है. इससे अभ्यर्थियों के चयन में पारदर्शिता भी आएगी.

आधार वेरिफिकेशन के बाद डीबीटी से होगा भुगतान  
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में 10वीं से पहले के कक्षाओं में अध्ययनरत छात्रों की छात्रवृत्ति योजना की नियमावली वर्ष 2016 में बनाई गई थी, जिसमें दो बार संशोधन किया गया. दशमोत्तर कक्षाओं की योजना के लिए वर्ष 2012 में छात्रवृत्ति नियमावली बनाई गई थी, जिसमें 6 बार संशोधन किया गया. इन संशोधनों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप समावेशित करते हुए नई समेकित एवं संशोधित नियमावलियां बनाई गई हैं. 

उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति केवल पात्र व्यक्तियों को ही प्राप्त हो, इसके लिए आवेदक का आधार वेरिफिकेशन (ई-केवाईसी सहित) कराते हुए एबीपीएस/डीबीटी प्रणाली से भुगतान अभ्यर्थियों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में ही किए जाने का निर्णय लिया गया है. फर्जी, अस्तित्वहीन एवं असंचालित शिक्षण संस्थानों की ओर से योजना का अनुचित लाभ न लिया जाए, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों के लिए AISHE/UDISE कोड की अनिवार्यता की गई है.

सभी पाठ्यक्रम समूहों के छात्रों को मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उत्तरदायित्व निर्धारित करने के उद्देश्य से शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों और नोडल अफसरों की ओर से अपने डिजिटल  सिग्नेचर से अभ्यर्थियों का सत्यापन किया जाएगा. जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर के रूप में सत्यापन के बाद उन्हें जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. 

पहले की व्यवस्था के अंतर्गत दशमोत्तर कक्षाओं के लिए बजट का प्राविधान एकमुश्त किया जाता था और प्रोफेशनल कोर्सेज की फीस अधिक होने के कारण अधिकांश बजट का उपभोग उनके विद्यार्थियों के लिए हो जाता था. इसके कारण गैर तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अल्पसंख्यक समुदाय के अनेक छात्र योजना के लाभ से वंचित रह जाते थे. नई दशमोत्तर नियमावली में सभी पाठ्यक्रम समूहों के विद्यार्थियों को लाभान्वित किए जाने और योजना के अंतर्गत जारी बजट को सभी समूहों में वर्गीकृत किए जाने की व्यवस्था की गई है.

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