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क्या Swati Maliwal फैक्टर महिला वोटरों के बीच Kejriwal की छवि नहीं कर पाया धूमिल? क्या कहता है इंडिया टुडे-Axis My India Exit Poll

इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल साफ बताता है कि बीजेपी की लोकप्रियता 2019 के मुकाबले महिला वोटरों के बीच कम हुई है. हालांकि अब भी लगभग 50 फीसदी महिला वोटर बीजेपी को ही वोट दे रहीं हैं लेकिन ये आंकड़ा पिछले चुनावों की तुलना में 4% कम है.

Swati Maliwal (Photo/PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2024,
  • अपडेटेड 9:51 PM IST
  • बीजेपी को उठाना पड़ा नुकसान
  • बाकी वर्गों का अलग-अलग रहा रुझान

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले जिस मामले ने दिल्ली की राजनीति को सबसे ज्यादा गरमाया वो था आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के ऊपर मुख्यमंत्री निवास में हमला. आरोप अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार पर लगे कि उन्होंने न सिर्फ दिल्ली महिला आयोग का पूर्व अध्यक्ष स्वाति के साथ बदसलूकी की बल्कि उन्हें पीटा भी. बीजेपी ने हाथोंहाथ इस मुद्दे को लपक लिया और कई प्रदर्शन भी किए ताकि महिला वोटरों के बीच इंडिया गठबंधन को नुकसान पहुंचाया जा सके. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया (India Today-Axis My India) के एग्जिट पोल (Exit Poll) में अलग-अलग वर्गों ने किसे वोट किया इसकी भी पड़ताल की गई. एग्जिट पोल आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के ज़्यादातर तबकों में आम आदमी पार्टी गठबंधन और कांग्रेस ने 2019 के पिछले लोकसभा चुनावों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. लेकिन सबसे ज़्यादा रोचक आंकड़े महिला वोटरों में बीजेपी और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच किसका पलड़ा भारी रहा उसे लेकर दिखता है.

स्वाति मालीवाल एपिसोड के बावजूद बीजेपी को उठाना पड़ा नुकसान

इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल साफ बताता है कि बीजेपी की लोकप्रियता 2019 के मुकाबले महिला वोटरों के बीच कम हुई है. हालांकि अब भी लगभग 50 फीसदी महिला वोटर बीजेपी को ही वोट दे रहीं हैं लेकिन ये आंकड़ा पिछले चुनावों की तुलना में 4% कम है. वहीं आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को लगभग 47% महिला वोटरों का साथ मिल रहा है जो कि 2019 से लगभग 4 फीसदी अधिक है. यानि अब भी बीजेपी इस सेगमेंट में इंडिया गठबंधन के मुकाबले बीस तो है लेकिन मामला कांटे का है. एग्जिट पोल के ये आंकड़े इतना बताने को तो काफी हैं ही कि बीजेपी जिस तरह से चुनावों से ठीक पहले स्वाति मालीवाल पर हुए हमले का फायदा लेना चाहती थी उतना मिल नहीं पाया, उल्टे थोड़ी सिम्पथी विरोधी गठबंधन को मिल गया. गौरतलब है कि दिल्ली में महिलाएं केंद्र की तमाम योजनाओं के बावजूद अरविंद केजरीवाल सरकार की योजनाओं से ज्यादा प्रभावित दिखतीं हैं जिनमें आने वाले समय में एक हज़ार रुपए की प्रति माह राशि देने का दिल्ली सरकार का वायदा और बसों में मुफ्त यात्रा जैसी स्कीम भी शामिल हैं. जहां तक पुरुष वोटरों के रुझान का सवाल है तो दिल्ली के 58% वोटर बीजेपी और 41% वोटर इंडिया गठबंधन को समर्थन देते हुए दिख रहे हैं. यानि दिल्ली के पुरुष वोटरों की तुलना में बीजेपी के प्रति महिला वोटरों में लगभग 8 फीसदी का रुझान कम दिख रहा है.

बाकी वर्गों का अलग-अलग पार्टियों को लेकर कैसा रहा रुझान

जातिगत नजरिए से देखें तो इंडिया टुडे-माई एक्सिस इंडिया एग्जिट पोल के आंकड़ों में  दलितों की पहली पसंद इंडिया गठबंधन रहा जहां उन्हें 53 फीसदी वोट का अनुमान है वहीं बीजेपी को दलितों के 45 फीसदी वोट शेयर से संतुष्ट होना पड़ेगा. इस सेगमेंट में भी 2019 को मुकाबले बीजेपी को 3 फीसदी नुकसान उठाना पड़ रहा है तो इंडिया गठबंधन को उतने ही प्रतिशत वोटों का फायदा है. इसका मतलब ये हुआ कि संविधान बदलने की बात को लेकर काफी बड़ा तबका तो नहीं लेकिन एक छोटा हिस्सा बीजेपी से छिटक रहा है. लेकिन इसकी भरपाई बीजेपी ओबीसी और सामान्य वोटों से करती हुई नज़र आ रही है. जहां 66 फीसदी ओबीसी वोटरों की पहली पसंद बीजेपी है वहीं महज 33 फीसदी ओबीसी इंडिया गठबंधन के साथ हैं. सामान्य श्रेणी में तो बीजेपी के समर्थन का आंकड़ा 68 फीसदी तक है तो वहीं इंडिया गठबंधन के लिए सिर्फ 31 फीसदी. मुसलमान 89% आम आदमी पार्टी-कांग्रेस के साथ हैं तो 7% वोट बीजेपी को भी मिलने का अनुमान है. हालांकि ओबीसी, सामान्य और मुस्लिम वोटरों में भी बीजेपी को पिछले चुनावों के मुकाबले 1 से लेकर 3 फीसदी वोटों के नुकासन की बात कही गई है.

पेशे के अनुसार दिल्ली वालों के रुझान पर क्या कहता है एग्जिट पोल

दिल्ली और देश में इन चुनावों के दौरान बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा रहा लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखें तो बेरोजगार लोगों में भी बीजेपी बाजी मारती दिख रही है. आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ग में 56% बीजेपी का समर्थन कर रहे हैं तो बस 42% इंडिया घटक दलों का. श्रमिकों यानि लेबर क्लास में भी बीजेपी पहली पसंद है जहां उसे 52 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है जो इंडिया गठबंधन के 47 फीसदी से लगभग 5% अधिक है. किसानों में 57% बीजेपी के साथ बताए गए हैं तो स्क्लिड लेबर में 60% के समर्थन का अनुमान बताया गया है. किसानों और स्क्लिड लेबर श्रेणी में आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को महज क्रमशः 38 और 39 फीसदी वोट मिलने की गुंजाइश दिखाई पड़ती है.

(कुमार कुणाल की रिपोर्ट)

 

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