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India Today Conclave 2024: मक्खन पर नहीं...पत्थर पर लकीर खींचने आया हूं, पढ़ें PM Modi के संबोधन की 20 बड़ी बातें

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2024 के ग्रैंड फिनाले के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे. इस दौरान प्रधानमंत्री ने ना केवल अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि आने वाले पांच साल के लिए सरकार का रोडमैप भी सामने रखा. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि आज ही भारत में दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व की प्रक्रिया शुरू हुई है और इस महत्वपूर्ण अवसर पर ये conclave हो रहा है.

gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 16 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:55 PM IST
  • आयुष्मान भारत योजना का जिक्र
  • ईज ऑफ लिविंग पर बोले पीएम

प्रधानमंत्री मोदी इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2024 के ग्रैंड फिनाले को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और बताया कि कैसे उनकी सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 'मूड ऑफ द नेशन' भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनाने का है. आज 'मूड ऑफ द नेशन' विकसित भारत के निर्माण का है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हेडलाइन पर नहीं, बल्कि डेडलाइन पर काम करने वाला व्यक्ति हूं.  
 
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 20 बड़ी बातें
 

1. 'भारत तेज गति से विकास करता रहेगा'

आज ही भारत में दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व की प्रक्रिया शुरू हुई है और इस महत्वपूर्ण अवसर पर ये conclave हो रहा है. आज जहां पूरी दुनिया अनिश्चितता के भंवर में फंसी है, एक भाव बहुत निश्चित है कि भारत तेज गति से विकास करता रहेगा.
 
2. 'डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने कानून खत्म किए'

पिछले 10 साल में हमारी सरकार ने डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने कानून खत्म किए हैं. इनमें से कितने ही कानून अंग्रेजों के समय में बने हुए थे और ऐसे ही चले आ रहे थे.

3. 'डेडलाइन पर काम करने वाला व्यक्ति हूं'

आज 'मूड ऑफ द नेशन' भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनाने का है. आज 'मूड ऑफ द नेशन' विकसित भारत के निर्माण का है. मैं हेडलाइन पर नहीं, बल्कि डेडलाइन पर काम करने वाला व्यक्ति हूं. 

4. 'आज सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं'

दश साल पहले तक कुछ सौ ही स्टार्टअप्स होते थे और आज करीब सवा लाख रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, लेकिन भारत की स्टार्टअप क्रांति की पहचान सिर्फ इतनी ही नहीं है. भारत की स्टार्टअप क्रांति की असली पहचान ये है कि ये स्टार्टअप्स देश के 600 से ज्यादा जिलों में फैले हैं. यानी, टीयर-2, टीयर-3 शहरों के नौजवान स्टार्टअप क्रांति की अगुवाई कर रहे हैं.

5. 'नौजवानों को लोन की गारंटी मिली'

आप जमीन पर रोजगार और स्वरोजगार में जिस योजना से बहुत बड़ा परिवर्तन आ रहा है, उसकी चर्चा भी जरूरी है. ये योजना है- मुद्रा योजना. हमारे देश में बैंकों से मदद पाने के लिए युवाओं को जगह-जगह गारंटी देनी पड़ती थी, लेकिन मुद्रा योजना से उन नौजवानों को भी लोन की गारंटी मिली, जिनके पास गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था.

6. 'आठ करोड़ मुद्रा लाभार्थीयों ने बिजनेस शुरू किया'

26 लाख करोड़ रुपए का बैंक लोन ऐसे छोटे-छोटे उद्यमियों को मिला है. इनमें से करीब 8 करोड़ मुद्रा लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने जिंदगी में पहली बार अपना कोई बिजनेस शुरू किया है.

7. 'स्ट्रीट वेंडर्स को सस्ता और आसान ऋण मिला'

पीएम स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर्स को पहली बार सस्ता और आसान ऋण मिला है. आज मैं उन रेहड़ी-पटरी, ठेले वालों की सराहना करूंगा, क्योंकि डिजिटल इंडिया को जिस तरह उन्होंने अपनाया है, वो बहुत बड़ा काम हुआ है. जिन्हें अनपढ़ कहकर अपमानित किया गया था, वो ठेले और रेहड़ी-पटरी वाले आज भारत की डिजिटल क्रांति का चेहरा बने हुए हैं.

8. 'बेटियां ड्रोन पायलट बन रही हैं'

आज बेटियां ड्रोन पायलट हैं. गांव की जिन महिलाओं ने कभी साइकिल तक नहीं चलाई होगी, वो अब ड्रोन पायलट बन रही हैं. इसका मल्टीप्लायर इफेक्ट सोसायटी में कितना होगा, इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते.

9. 'पिछड़े जिलों के विकास के लिए अभियान चलाया'

बीते 10 वर्षों में हमने गवर्नेंस का एक बिल्कुल नया मॉडल विकसित किया है. हमने उस पर फोकस किया है, जो प्राथमिकताओं में सबसे पीछे रहता था. हमने सरकार बनते ही देश के 100 से अधिक पिछड़े जिलों के विकास के लिए अभियान चलाया.

10. 'मछली उत्पादन बढ़कर दोगुना हुआ'

आजादी के बाद पहली बार देश में लाखों नौजवानों के स्किल डेवलपमेंट का एक बड़ा अभियान चला. आजादी के बाद पहली बार मछली उत्पादन बढ़कर दोगुना हो गया है. पहली बार पशुपालकों और मछुवारों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिला है. 
 
11. पहले की सरकारों में आम आदमी पिसता था

मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि पहले की सरकारों के समय आपने Ease of Living जैसे शब्द नहीं सुने होंगे. पहले की सरकारों के समय जो पावरफुल थे, वो सुविधाओं के पहले हकदार बन गए थे. साम, दाम, दंड, भेद, सिफारिश और रिश्वत कुछ भी करके वो सुविधाएं हासिल करते थे और बीच में पिसता था देश का सामान्य नागरिक.

12. 'भारतीय दंड संहिता को न्याय केंद्रित बनाया'

हमारे यहां गुलामी के कालखंड में बने Penal Code भी ऐसे ही चल रहे थे. उनके मूल में दंड था, न्याय नहीं था. हमने अपने गवर्नेंस मॉडल की भावना के अनुकूल ही इनको न्याय केंद्रित बनाया है. 

13. 'हर साल गरीबों के 60 हजार करोड़ रुपए बचे'

एक स्टडी के अनुसार, स्वच्छ भारत अभियान हर साल गरीबों के 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बचा रहा है. इसी तरह आयुष्मान भारत योजना की वजह से गरीबों के एक लाख करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं.  

14. 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से लाभ'

कुछ ही दिन पहले हमने 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' शुरू की है. सरकार अपने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए तक की मदद दे रही है. कुछ ही हफ्ते के भीतर इस योजना से जुड़ने के लिए एक करोड़ से ज्यादा लोग अप्लाई कर चुके हैं. इस योजना से जुड़ने वालों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलनी संभव हो जाएगी.

15. 'भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस'

हमारी गवर्नेंस का एक और बड़ा पक्ष रहा है, भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस. भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए हर एजेंसी पूरी तरह स्वतंत्र है.

16. 'ED ने टेरर फाइनेंसिंग से जुड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया'

ED ने बहुत बड़ी संख्या में टेरर फाइनेंसिंग से जुड़े अपराधियों को, साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों को, नार्कोटिक्स से जुड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों की हजारों करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई है.

17. 'लोग मोदी को गाली देने का अभियान चला रहे'

कई सारे ब्यूरोक्रेट्स के यहां ED की कार्रवाई ने, नोटों की गड्डियों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. अब जब इतनी तेज कार्रवाई होगी, तो कुछ लोगों के पेट में दर्द होना स्वाभाविक है. इसलिए ही तो वो लोग दिन-रात मोदी को गाली देने का अभियान चला रहे हैं. देश भी देख रहा है कि इन लोगों की नीति, नीयत और निष्ठा, हर प्रकार से सवालों के घेरे में हैं. ऐसे लोगों को देश साफ-साफ कह रहा है- So Sorry.

18. 'समर्थ और सशक्त भारत की गारंटी'

ये चुनाव का समय है, तो हमारे विपक्ष के साथी, कागज़ों पर सपने बुनने में जुटे हैं. लेकिन मोदी सपनों से आगे बढ़कर संकल्प लेकर चलता है. मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आने वाले 5 वर्ष... भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने वाले होंगे. आने वाले 5 साल... इस Uncertain world के लिए, एक स्थिर, समर्थ और सशक्त भारत की गारंटी के होंगे.

19. 'हमने कॉपरेटिव मिनिस्ट्री अलग बनाई'

हमने कॉपरेटिव मिनिस्ट्री अलग बनाई. इसके बनने के बाद 60 हजार पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम पूरा हुआ. जब सरकार का फोकस क्लीयर होता है, तो वो हर क्षेत्र में नजर आता है.

20. 'जनऔषधि केंद्रों पर 80 प्रतिशत डिस्काउंट'

हमारी सरकार जनऔषधि केंद्रों पर 80 प्रतिशत डिस्काउंट पर दवाइयां देती है. इस वजह से गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं.

 

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