Bihar Legislative Council Election 2026: बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर इस समय सियासी हलचल काफी तेज है. बिहार विधान परिषद की खाली हो रही 9 सीटों और नीतीश कुमार द्वारा छोड़ी गई 1 सीट पर उपचुनाव 18 जून को होना है. वोटिंग के दिन ही परिणाम भी आ जाएंगे. एमएलसी इलेक्शन के लिए 1 जून को अधिसूचना जारी होगी. इस समय एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमों में टिकट के दावेदार सक्रिय हो गए हैं. चाहे बीजेपी हो, जदयू हो या आरजेडी सभी पार्टियां अपने हिस्से की सीट के जरिए सामाजिक और जातिगत समीकरण को साधना चाहती हैं. आइए जानते हैं किन नामों पर चर्चा हो रही है और किस जाति और किस पार्टी के कितने उम्मीदवार MLC बनेंगे?
वर्तमान में किस दल के पास हैं कितनी सीटें
बिहार विधान परिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है. इन 9 सीटों में 4 सीट वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड के पास हैं. 2 सीट भारतीय जनता पार्टी और 2 सीट राष्ट्रीय जनता दल के पास है. 1 सीट कांग्रेस के पास है. इन 9 सीटों के अलावा 1 सीट जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से खाली हुई है. नीतीश कुमार वाली सीट पर उपचुनाव भी होना है.आपको मालूम हो कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में विधान परिषद के एक सदस्य को चुनने के लिए 25 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास फिलहाल 201 विधायक हैं. इस हिसाब से कुल मिलाकर 8 विधान परिषद सीट एनडीए के खाते में जाना कन्फर्म है. एक सीट तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के खाते में जाना तय माना जा रहा है. विधान परिषद की खाली हो रहीं 9 सीटों में भाजपा को 4 सीट, नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को 3 और लोजपा (रामविलास) को 1 सीट मिलने की संभावना है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यदि सहयोगी दलों के बीच पूरा तालमेल बना रहा तो NDA 10वीं सीट पर भी कब्जा जमा सकता है.
मंत्री निशांत कुमार और दीपक प्रकाश का विधान परिषद जाना तय
विधान परिषद चुनाव में जिन नामों पर सबसे अधिक चर्चा है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का नाम सबसे ऊपर है. निशांत कुमार और दीपक प्रकाश का विधान परिषद जाना तय है. संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के तहत यह प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति मंत्री बन गया तो उसे 6 महीने के अंदर विधानसभा और विधान परिषद का सदस्य होना पड़ता है. निशांत कुमार फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. वह नीतीश कुमार की खाली हुई सीट से एमएलसी बन सकते हैं. उधर, मंत्री दीपक प्रकाश भी किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी अपने कोटे से दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने के लिए तैयार है.
जदयू में कौन-कौन दावेदार
जदयू में विधान परिषद सदस्य के लिए निशांत कुमार के अलावा जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें राजीव कुमार सिंह, ललन मंडल और गुलाम रसूल बलियावी के नाम सबसे आगे हैं. आपको मालूम हो कि राजीव कुमार तारापुर से विधायक रह चुके हैं. उन्हें सम्राट चौधरी के लिए विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी सीट छोड़नी पड़ी थी. आपको मालूम हो कि जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने बता चुके हैं कि गठबंधन के तमाम बड़े नेता बैठेंगे तो सीटों को लेकर सहमति बन जाएगी.
JDU में किस जाति से कौन उम्मीदवार
1. निशांत कुमार (कुर्मी)
2. राजीव कुमार सिंह (कुशवाहा)
3. ललन मंडल (अति पिछड़ा)
4. गुलाम रसूल बलियावी (अल्पसंख्यक)
बीजेपी में कौन-कौन दावेदार
बीजेपी के खाते में 4 विधान परिषद की सीटें हैं लेकिन वह एक सीट दीपक प्रकाश के लिए छोड़ेगी तो ऐसे में भाजपा के पास तीन सीटें रह जाएंगी. इन तीन सीटों के लिए भाजपा में कई दावेदार हैं. अब देखना है किनकी किस्मत खुलती है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख भी विधान परिषद सदस्य बनने के कतार में हैं. आपको मालूम हो कि संजय मयूख को भाजपा ने बिहार में दो बार विधान परिषद भेजा है. अब तीसरी बार भेजने की तैयारी है. बीजेपी में अन्य जिन नामों पर चर्चा है, उनमें कुर्मी जाति से प्रेम रंजन पटेल हैं. सरोज रंजन पटेल का नाम भी केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है.
बीजेपी के पास बनिया जाति या पिछड़ी जाति से एक उम्मीदवार को विधान परिषद भेजने की मजबूरी है. बनिया जाति से पार्टी के वरिष्ठ नेता और व्यापार आयोग के अध्यक्ष सुरेश रुंगटा, प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू, भीम साहू और अमरनाथ गामी का नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है. अब देखते हैं इनमें से किसकी किस्मत खुलती है. भाजपा राजपूत जाति से एक उम्मीदवार को विधान परिषद भेजने की तैयारी में है. आपको मालूम हो कि मंत्रिमंडल में राजपूत जाति को कम महत्व मिलने के चलते राजपूत समुदाय में नाराजगी है. ऐसे में संगठन से भाजपा में आए राजेंद्र सिंह का नाम सबसे ऊपर है. राजपूत समाज से आने वाली भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अमृता भूषण का नाम चर्चा में है. बाल संरक्षण आयोग के सदस्य राकेश सिंह का नाम भी दावेदारों में है.
BJP में किस जाति से कौन उम्मीदवार
1. संजय मयूख (कायस्थ)
2. अमृता भूषण या राकेश सिंह (राजपूत)
3. प्रेम रंजन पटेल (कुर्मी)
4. सुरेश रुंगटा, सिद्धार्थ शंभू, भीम साहू या अमरनाथ गामी (बनिया)
चिराग किसको बनाएंगे उम्मीदवार
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खाते में विधान परिषद की एक सीट जाएगी. चिराग पासवान के भांजे सीमांत मृणाल विधान परिषद सदस्य बन सकते हैं. उनका नाम सबसे ऊपर है. इसके अलावा वेद प्रकाश पांडे का नाम भी चर्चा में है. पूर्व विधान पार्षद और बाहुबली नेता हुलास पांडे भी विधान परिषद जाना चाहते हैं.
तेज प्रताप को लेकर क्या है स्थिति
विधान परिषद की एक सीट राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के खाते में जा सकती है. ऐसी चर्चा है कि लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को विधान परिषद भेजना चाहते हैं. हालांकि तेजप्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के नाम से अपनी अलग पार्टी बना चुके हैं. तेजप्रताप की वर्तमान में तेजस्वी यादव से दूरियां काभी बढ़ गई हैं. ऐसे में अब तक तेजस्वी यादव की ओर से हरी झंडी नहीं दी गई है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि लालू परिवार में तेज प्रताप यादव कमजोर कड़ी हैं और लालू प्रसाद यादव चाहते हैं कि तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव दोनों फिर से एक मंच पर आ जाएं. आरजेडी से सुनील सिंह भी विधान परिषद सदस्य के रेस में हैं. सुनील कुमार सिंह निवर्तमान विधान पार्षद है और राजपूत समाज से आते हैं. उनको लालू परिवार का बेहद करीबी माना जाता है.