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दिल्ली SIR में क्यों कटे इतने नाम? किन इलाकों में घटे सबसे ज्यादा वोट, क्या है वजह?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 47.58 लाख मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गया है. अब सवाल उठ रहा है कि इतने वोटर्स के नाम क्यों कट गए हैं? चलिए इसके पीछे की वजह समझते हैं.

SIR
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में यह साफ पैटर्न दिखा कि जिन इलाकों में 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे कम मतदान हुआ था, वहीं से सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं. हालांकि इसके पीछे अलग अलग वजहें हैं. लेकिन मुख्य वजह अवैध निर्माण ढहाने और झुग्गी बस्तियों की शिफ्टिंग है.

47.58 लाख वोटर्स के नाम कटे-
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जारी ताजातरीन आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 47.58 लाख मतदाताओं यानी लगभग 33% या कहें तो हर तीसरे वोटर का नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर है.

सबसे कम वोटिंग वाले इलाकों में कटे नाम-
आंकड़ों के विश्लेषण से साफ होता है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में सबसे कम मतदान वाले 18 विधानसभा क्षेत्रों में से 17 क्षेत्रों में डिजिटल वेरिफिकेशन और डिजिटलाइजेशन रेट दिल्ली के औसत 67% से काफी कम पाया गया. घर-घर जाकर किए गए वेरिफिकेशन अभियान के दौरान भी इन कम वोटिंग वाले इलाकों में सबसे ज्यादा लोग अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या एक से ज्यादा जगहों की मतदाता सूची में दर्ज यानी डुप्लीकेट पाए गए.

30 सितंबर तक जुड़वा सकते हैं नाम-
आयोग ने उनको Uncollectable यानी गैर-संग्रहणीय की श्रेणी में डाल दिया. उनको आयोग का नोटिस भी जाएगा और वे अब अगले एक महीने में यानी 30 सितंबर तक अपना नाम फाइनल वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भरकर समुचित दस्तावेजों के साथ जमा करा सकते हैं. 

सबसे बड़ी विधानसभा मटियाला-
निर्वाचन आयोग से जारी आंकड़ों के जिलावार क्षेत्रवार विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में कुल कटे हुए वोट 47.58 लाख हैं. यह पिछली वोटर लिस्ट का 33% है. शेष बचे वैध वोटर 97 लाख 53 हजार 577 हैं. वोटर संख्या के हिसाब स सबसे बड़ी विधानसभा मटियाला है. यहाँ अब भी सबसे अधिक वोटर बचे हैं. सबसे कम वोटरों वाली विधानसभा सीट दिल्ली कैंट में अब भी सबसे कम मतदाता बचे हैं. 

सबसे ज्यादा प्रभावित है ओखला-
वोट कटौती से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र ओखला है. यहाँ करीब 1.82 लाख वोटर यानी दक्षिण पूर्व जिले में सबसे ज्यादा 43.62 फीसद फॉर्म अनकलेक्टेड श्रेणी में आए. नई दिल्ली क्षेत्र में भी बड़ी तादाद में वोट कटे. यहां 39.22 फीसदी वोट कटे. बाहरी दिल्ली में सबसे कम 24.32 फीसद वोट कटे.

आम आदमी पार्टी ने लगाए आरोप-
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जानबूझकर उन इलाकों को निशाना बनाया गया है, जहाँ गरीब, मजदूर और प्रवासी मतदाता रहते हैं. उनका दावा है कि झुग्गियों और अनधिकृत कॉलोनियों में 50% लोगों तक तो फॉर्म ही नहीं पहुंचे. बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि यह वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण की एक कानूनी प्रक्रिया है, ताकि फर्जी और अवैध प्रवासियों के नाम हटाए जा सकें।यह अभी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है. 

निर्वाचन आयोग ने नाम दोबारा जुड़वाने का मौका दिया है. जिन योग्य मतदाताओं के नाम कट गए हैं वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ Form 6 भर सकते हैं. इसके लिए दावे और आपत्तियां 30 सितंबर 2026 तक दर्ज कराई जा सकती हैं. अंतिम सूची: सभी सुधारों के बाद दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.

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