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Prashant Kishor: मुश्किल में फंसे प्रशांत किशोर! दो राज्यों में वोटर आईडी होने पर क्या है सजा का प्रावधान?

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-17 के मुताबिक एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी व्यक्ति का नाम नहीं होगा. अगर इस नियम का उल्लंघन किया जाता है तो जन प्रतिनिधिनित्व अधिनियम 1960 की धारा-31 के तहत एक वर्ष का करावास या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.

Prashant Kishor
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर मुश्किल में फंस गए हैं. निर्वाचन आयोग ने उनको नोटिस जारी किया है. आयोग का ये नोटिस वोटर लिस्ट में दो जगह नाम होने को लेकर जारी किया गया है. चुनाव आयोग ने प्रशांत किशोर को समय देने के लिए 3 दिन का वक्त दिया है.
 
मुश्किल में फंसे प्रशांत किशोर-
दो राज्यों की वोटर लिस्ट में नाम होने के सबूत मिलने पर प्रशांत किशोर को निर्वाचन आयोग की ओर से निर्वाची अधिकारी यानी रिटर्निंग ऑफिसर ने नोटिस भेजा है. आयोग ने प्रशांत किशोर को तीन दिनों में कारण बताने को कहा है.

दो राज्यों की वोटर लिस्ट में प्रशांत का नाम-
सासाराम के करगहर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने प्रशांत किशोर के नाम नोटिस में लिखा है कि आपका नाम बिहार राज्य की निर्वाचक सूची एवं पश्चिम बंगाल की निर्वाचक सूची में दर्ज है. पश्चिम बंगाल के भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत मतदान केन्द्र संत हेलेन स्कूल, बी०रानीशंकरी लेन में दर्ज है. साथ ही आपका नाम 209-करगहर विधान निर्वाचन क्षेत्र के भाग संख्या-367 (मध्य विद्यालय, कोनार, उ० भाग) क्र०सं०-621 में दर्ज है. करगहर निर्वाचन क्षेत्र में आपका मतदाता पहचान पत्र संख्या- 1013123718 है.

जेल की सजा का प्रावधान-
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-17 के अनुसार एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी व्यक्ति रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जायेगा, उल्लंघन की स्थिति में जन प्रतिनिधिनित्व अधिनियम 1960 की धारा-31 के तहत एक वर्ष का करावास या जुर्माना या दोनो का प्रावधान है.

3 दिन में देना होगा जवाब-
एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में अपने नाम की प्रविष्टि के संबंध में तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखना होगा. आयोग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर ने पिछले हफ्ते ही बंगाल से अपना नाम हटाने का आवेदन दिया है. यानी जब डुप्लीकेसी की सुगबुगाहट हुई तब प्रशांत किशोर ने आनन फानन में अर्जी दाखिल की है.

फिलहाल तो प्रशांत किशोर के जवाब की प्रतीक्षा है. इसके बाद आयोग में जांच प्रक्रिया शुरू होगी.

(संजय शर्मा की रिपोर्ट)

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