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Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा में कौन-कौन से निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है? क्या सावित्री जिंदल जीत गई हैं? 

हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर नतीजे साफ हो रहे हैं. कई प्रमुख स्वतंत्र उम्मीदवार, जैसे राजेश जून, देवेंद्र कादयान, और सावित्री जिंदल, राजनीतिक दिग्गजों ने बीजेपी और कांग्रेस को चुनौती दी है. और जीत हासिल की है.

Haryana Elections
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 5:08 PM IST

जैसे ही 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आ रहे हैं, स्वतंत्र उम्मीदवार अपनी मजबूत छाप छोड़ रहे हैं. इसबार चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. इनमें राजेश जून, देवेंद्र कादयान, और सावित्री जिंदल जैसे राजनीतिक दिग्गज शामिल हैं. हिसार से सावित्री जिंदल कई वोटों से जीत चुकी हैं. 

बहादुरगढ़ में राजेश जून की बढ़त
बहादुरगढ़ में, एक और स्वतंत्र उम्मीदवार राजेश जून ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर एक मजबूत बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की है. राजेश जून ने कांग्रेस के राजिंदर सिंह जून को 41999 वोटों के मार्जिन से हराया है. 

राजेश जून, जिनकी घोषित संपत्ति ₹61 करोड़ है, राजनीतिक क्षेत्र में नए नहीं हैं. इससे पहले वे पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. लेकिन इस बार उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया. इस बार, बहादुरगढ़ के मतदाता पार्टी की जगह एक स्वतंत्र उम्मीदवार पर भरोसा कर रहे हैं.

गन्नौर में बागी देवेंद्र कादयान
सोनीपत जिले के गन्नौर में, देवेंद्र कादयान जीत चुके हैं. वे एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं. बीजेपी का टिकट न मिलने के बाद स्वतंत्र रूप से उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया. उनकी सफलता के पीछे उनके पिता, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और इनेलो नेता सतबीर सिंह कादयान का समर्थन है. उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा पर 35209 वोटों के मार्जिन के साथ जीत हासिल की है.

देवेंद्र कादयान की राजनीतिक यात्रा 1998 में छात्र राजनीति से शुरू हुई. वर्षों में, उन्होंने कई चुनाव लड़े, जिसमें 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में उन्होंने पानीपत ग्रामीण से जेजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. 

कादयान का परिवार लंबे समय से इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) और हाल ही में जेजेपी से जुड़ा रहा है. हालांकि, बीजेपी का टिकट न मिलने पर कादयान ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया. इसमें उन्हें अपने पिता की विरासत और एक मजबूत स्थानीय नेता के रूप में मजबूत पकड़ का काफी फायदा मिला है. 

हिसार में सावित्री जिंदल की राजनीतिक वापसी
इस चुनाव में सबसे हाई-प्रोफाइल स्वतंत्र उम्मीदवारों में से एक सावित्री जिंदल (Savitri Jindal) ने भी जीत हासिल की है. ये भारत की सबसे अमीर महिला हैं और इन्होंने हिसार से चुनाव लड़ा है. सावित्री जिंदल, ने 2005 से 2013 तक कांग्रेस के टिकट पर इस सीट को संभाला था. इस बार वे निर्दलीय लड़ी थीं. सावित्री जिंदल ने 18,841 वोटों के मार्जिन से जीत हासिल की है. उन्होनें कांग्रेस के राम निवास राणा को पीछे छोड़ दिया है. 

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