Kerala Chunav 2026: केरल में चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है. केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों पर मतदान 9 अप्रैल 2026 को होने हैं. गुरुवार सुबह 7:00 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा. इस बार विधानसभा चुनाव में कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं. लेफ्ट के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और कांग्रेस के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) में सीधी टक्कर है लेकिन बीजेपी भी कम नहीं है.
बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है. ऐसे में त्रिकोणीय लड़ाई होने के आसार हैं. इस बार NDA 'किंगमेकर' बन सकता है. इस बार चुनाव में जहां एलडीएफ गठबंधन ने विकास को मुख्य मुद्दा बनाया है तो वहीं यूडीएफ गठबंधन ने कई बड़े चुनावी वादे किए हैं. उधर, एनडीए ने बदलाव की अपील करते हुए मरथथु इनी मारुम (जो नहीं बदला, वो अब बदलेगा) का नारा दिया है.आपको मालूम हो कि केरल का आधिकारिक नाम बदलकर अब केरलम (Keralam) हो गया है.
883 उम्मीदवार आजमा रहे अपनी किस्मत
इस बार केरल विधानसभा चुनाव में कुल 883 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें 375 राष्ट्रीय दलों से, 81 राज्य की पार्टियों से, 145 गैर-पंजीकृत दलों से और 282 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार कुल विधानसभा चुनाव में कुल 2,71,42,952 मतदाता मतदान करने के योग्य हैं. इसमें पुरुष मतदाता 1,32,20,811, महिला मतदाता 1,39,21,868 और थर्ड जेंडर मतदाता 273 हैं. केरल चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार इस बार राज्य में कुल 25 हजार 147 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं.
क्या BJP के समर्थन से बनेगी सरकार
इस विधानसभा चुनाव में वैसे तो मुख्य लड़ाई LDF और UDF में है लेकिन राजनीतिक जानकार बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को 'किंगमेकर' बता रहे हैं. केरल में सरकार बनाने के लिए 71 सीटों पर जीत जरूरी है. यदि इस चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर बढ़ता है तो इसका सीधा नुकसान एलडीएफ और यूडीएफ दोनों को होगा. राजनीतिक जानकारों का कहना है इस बार न तो एलडीएफ और न ही यूडीएफ अपने दम पर 71 सीटों के बहुमत के आंकड़े तक पहुंच पाएंगे. ऐसे में 'त्रिशंकु विधानसभा' की स्थिति बन सकती है. ऐसे में भाजपा-नेतृत्व वाला एनडीए एक निर्णायक भूमिका में आ सकता है.
बीजेपी ने बनाई है यह रणनीति
बीजेपी ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 में अधिक से अधिक सीटों को पर जीत दर्ज करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है. बीजेपी इस चुनाव में वोट काटने वाली पार्टी से ऊपर उठकर कई सीटों पर जीत दर्ज करना चाहती है ताकि वह किंगमेकर बने. इसके साथ ही मजबूत वोट बैंक तैयार करे. आपको मालूम हो कि केरल की राजनीति में लंबे समय से यूडीएफ और एलडीएफ का राज रहा है. ऐसे में भारतीय जानता पार्टी तुरंत सत्ता हासिल करने की जगह अपने वोट शेयर और सीटें बढ़ाने की कोशिश कर रही है. केरल की 45 प्रतिशत आबादी मुस्लिम और ईसाई है. ऐसे में सिर्फ हिंदू वोटर के सहारे इस राज्य में बीजेपी सत्ता हासिल नहीं कर सकती है.
मुस्लिम बीजेपी को वोट देंगे नहीं. ऐसे में बीजेपी 2026 के चुनाव में ईसाइयों को अपनी ओर लामबंद करना चाहती है. इसके लिए बीजेपी ने कई ईसाई उम्मीदवार इस चुनाव में उतारे हैं. इसके साथ ही कुछ स्थानीय दलों से गठबंधन भी किया है. आपको मालूम हो कि इस राज्य में बीजेपी को पहली जीत विधानसभा चुनाव 2016 में मिली थी, जब तिरुवनंतपुरम की नेमोम विधानसभा सीट से केओ. राजगोपाल ने जीत दर्ज की थी. हालंकि बीजेपी विधानसभा चुनाव 2021 में अपनी इस अकेली सीट को बचा नहीं पाई. इस तरह से बीजेपी इस राज्य में फिर शून्य पर आ गई. हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी की किस्मत खुली जब सुरेश गोपी ने त्रिशुर सीट से जीत दर्ज की. सुरेश गोपी केरल से बीजेपी के पहले और अकेले सांसद हैं.
केरल में विधानसभा चुनाव 2021 के क्या रहे थे नतीजे
1. केरल में पिछला विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल 2021 को आयोजित किया गया था. इसके नतीजे 2 मई 2021 को घोषित किए गए थे.
2. सत्ताधारी माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ गठबंधन ने 140 में से 99 सीटें जीती थी.
3. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटों पर जीत मिली थी.
4. भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को इस चुनाव में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी.
इस बार ये दिग्गज हैं चुनावी मैदान में
1. पिनरई विजयन: विधानसभा चुनाव 2026 में केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री और एलडीएफ गठबंधन के प्रमुख नेता विजयन अपनी पारंपरिक धर्मदम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
2. वीडी. सतीशन: कांग्रेस के प्रमुख नेता सतीशन परवूर सीट से चुनावी मैदान में हैं.
3. राजीव चंद्रशेखर और के. सुरेंद्रन: बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बड़े चेहरे राजीव चंद्रशेखर और के. सुरेंद्रन हैं. राजीव चंद्रशेखर नेमोम से और के. सुरेंद्रन मंजेश्वरम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
4. जी. सुधाकरन: माकपा से बगावत कर जी. सुधाकरन निर्दलीय अंबलप्पुझा सीट से चुनावी मैदान में हैं. उनका मुकाबला माकपा के एच. सलाम से है.