उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य दल अभी से चुनाव प्रचार में जुट गए हैं. इस राज्य में अभी से हर तरफ चुनाव को लेकर चर्चा होने लगी है. आज हम आपको पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों पीलीभीत, बरखेड़ा, पूरनपुर और बीसलपुर के बारे में बता रहे हैं. पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों पर इस समय बीजेपी (BJP) का कब्जा है, लेकिन क्या आगामी विधानसभा चुनाव में ये चारों सीटें बीजेपी के पास बरकरार रहेंगी? यह सवाल अब चुनावी चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. आपको मालूम हो कि पीलीभीत भाजपा के गढ़ के रूप में जाना जाता है.
जीत की राह आसान नहीं
हमारी टीम विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग जिलों में पत्रकारों की चौपाल कर रही है. इसी कड़ी में पीलीभीत में भी पत्रकारों की चौपाल हुई, जहां आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पत्रकारों ने बड़े-बड़े दावे किए और अपने-अपने तर्क भी सामने रखे. चौपाल में पत्रकारों का कहना था कि इस बार पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों पर पिछला परिणाम दोहराना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा. भाजपा को कई सीटों पर नुकसान उठाना पड़ सकता है और चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. पत्रकारों ने इसके पीछे स्थानीय नेताओं के बीच आपसी खींचतान और फूट, महंगाई, युवाओं से जुड़े मुद्दे, UGC और NEET जैसी परीक्षाओं से जुड़े सवालों को भी अहम कारण बताया.
...तो भाजपा को मिल सकता है फायदा
समाजवादी पार्टी को लेकर पत्रकारों का कहना है कि अगर सपा ने उम्मीदवारों का चयन सोच-समझकर किया और स्थानीय समीकरण साधे तो मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है. यदि टिकट वितरण में चूक हुई तो इसका फायदा BJP को मिल सकता है. यानी पीलीभीत की चारों सीटों पर इस बार मुकाबला सिर्फ BJP बनाम SP का नहीं, बल्कि स्थानीय समीकरण, उम्मीदवार की पकड़, पार्टी के अंदर की एकजुटता और जनता के मुद्दों का भी होगा. अब देखना होगा कि पत्रकारों की चौपाल में लगाए गए ये अनुमान चुनावी मैदान में कितने सही साबित होते हैं और क्या बीजेपी पीलीभीत में अपनी चारों सीटें बचा पाएगी या इस बार चुनावी तस्वीर बदल जाएगी?