देश में 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को वोट डाले जाएंगे. कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश में 4-4 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. मध्य प्रदेश और राजस्थान में 3-3 सीटों पर वोटिंग होगी. झारखंड में 2 सीटों पर वोटिंग होगी. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम में एक सीट पर वोटिंग होगी. चलिए आपको बताते हैं कि किस राज्य में क्या समीकरण बन रहे हैं.
गुजरात में बीजेपी का क्लीन स्वीप-
गुराजत की 182 विधानसभा सदस्य हैं. जिसमें से एक विधायक का निधन हो गया है. बीजेपी के पास 161 विधायक है. जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ 12 विधायक हैं. समीकरण बीजेपी के पक्ष में है. बीजेपी की चारों सीटों पर जीत तय है. बीजेपी ने राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस की तरफ से सूबे में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया है.
कर्नाटक का क्या है समीकरण?
कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों पर वोटिंग होनी है. कांग्रेस ने 3 उम्मीदवार उतारे हैं. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मंसूर अली खान और पवन खेड़ा को उम्मीदवार बनाया गया है. सूबे में राज्यसभा की एक सीट के लिए 46 विधायकों की जरूरत होगी. कांग्रेस के पास 135 विधायकों का समर्थन है. कांग्रेस का 2 राज्यसभा सांसद बनना तय है. लेकिन तीसरी सीट के लिए 3 और वोटों की जरूरत होगी. जबकि बीजेपी के पास 66 विधायक हैं. इस तरह से बीजेपी की एक सीट पर जीत तय है. जबकि दूसरी सीट के लिए कांटे की लड़ाई हो सकती है. सूबे में जेडीएस के पास 16 विधायक हैं. इन विधायकों के पास ही चौथी सीट की जीत की चाबी है.
आंध्र प्रदेश की स्थिति?
आंध्र प्रदेश में भी 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैं. 175 विधायकों वाले सूबे में एनडीए के घटक दल टीडीपी के पास 135 विधायक हैं. जबकि जन सेना पार्टी के पास 21 विधायक हैं. इसके अलावा बीजेपी के पास 8 विधायक हैं. सूबे में वाईएसआरसीपी के पास 11 विधायक हैं. सूबे में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 36 विधायकों की जरूरत होगी. इस हिसाब से एनडीए के पास प्रचंड बहुमत है. चारों सीटों पर एनडीए की जीत तय मानी जा रही है.
मध्य प्रदेश का समीकरण?
मध्य प्रदेश में 3 सीटों पर चुनाव होने हैं. 230 विधायकों वाले सूबे में बीजेपी के पास 163 विधायक हैं. जबकि कांग्रेस के पास 62 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट के लिए सूबे में 58 विधायकों की जरूरत होगी. इस तरह से बीजेपी के खाते में 2 सीटों जाना तय है. जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी. बीजेपी ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है. उधर, बीजेपी ने तीसरी सीट के लिए महेश केवट को भी मैदान में उतार दिया है. इस तरह से तीसरे सीट के लिए कांटे की टक्कर होगी.
राजस्थान की 3 सीटों पर क्या होगा?
राजस्थान में 200 विधायक हैं. इसमें से बीजेपी के पास 115 विधायक और कांग्रेस के पास 69 विधायक हैं. सूबे में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 51 विधायकों की जरूरत होगी. इस तरह से एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 51 वोटों की जरूरत होगी. सीटों के हिसाब से 2 सीट बीजेपी के खाते में और एक सीट कांग्रेस के खाते में जानी तय है. बीजेपी ने डॉ. अलका गुर्जर और डॉ. सतीश पूनिया को उम्मीदवार बनाया है. जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी को उम्मीदवार बनाया है.
झारखंड में क्या है समीकरण?
झारखंड में राज्यसभा के लिए 2 सीटों पर वोटिंग होनी है. 81 विधायकों वाले सूबे में 56 इंडिया गठबंधन के विधायक हैं. जबकि एनडीए के पास 24 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 28 वोटों की जरूरत होगी. वोटों के हिसाब से इंडिया गठबंधन के खाते में दोनों सीटें जानी तय है. लेकिन एनडीए सूबे में गेम खेल सकती है. बीजेपी लगातार एक सीट पर जीत का दावा कर रही है. बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के तौर पर परिमल नाथवानी मैदान में हैं. जबकि इंडिया गठबंधन की तरफ से झामुमो के वैद्यनाथ राम मैदान में हैं और कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है. दूसरी सीट के लिए कांटे की जंग देखने को मिलेगी.
अरुणाचल प्रदेश-
अरुणाचल प्रदेश में एक सीट पर राज्यसभा चुनाव होना है. सूबे में कुल विधायकों की संख्या 60 है. जबकि एक सीट जीतने के लिए 31 प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत पड़ेगी. बीजेपी ने ताई तागाक को उम्मीदवार बनाया है. सूबे में एनडीए के पास 51 विधायक हैं. इस तरह से एक राज्यसभा की सीट एनडीए के खाते में जानी तय हो गई है.
मणिपुर की एक सीट पर क्या होगा?
मणिपुर में एक राज्यसभा सीट पर वोटिंग होनी है. बीजेपी ने ए. शारदा देवी को उम्मीदवार बनाया है. ये सीट महाराज लीशेम्बा का कार्यकाल खत्म होने से खाली हुई है. मणिपुर की ये सीट एनडीए के खाते में जा सकती है. एनडीए के पास 42 विधायक हैं. इसमें बीजेपी के पास 37 विधायक हैं. एक सीट जीतने के लिए 30 विधायकों की जरूरत होगी. इस तरह से इस सीट पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है.
मिजोरम में क्या है स्थिति?
मिजोरम में राज्यसभा की सीट एमएनएफ के के. वनलालवेना का कार्यकाल खत्म होने खाली हुई है. एनडीए के घटक दल मिजो नेशनल फ्रंट से ये सीट छीनी जा सकती है. सूबे में एनडीए के पास सिर्फ 7 विधायक हैं. इसमें बीजेपी के 2 और एमएनएफ के 5 विधायक शामिल हैं. सूबे में जोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM) की सरकार है. जिसके पास 27 विधायक हैं. जबकि ये सीट जीतने के लिए 21 विधायकों की जरूरत है. इस तरह से ये सीट जेडपीएम के पास जानी तय है.
मेघायल में एनडीए की जीत तय-
मेघालय की एक राज्यसभा सीट के लि नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के सीनियर लीडर जेम्स के. संगमा ने नामांकन दाखिल किया है. संगमा एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. जेम्स संगमा सीएम कॉनराड के संगमा के भाई हैं. इस सीट पर एनडीए की जीत तय मानी जा रही है.
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