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बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता भुलई भाई ने दी सीएम योगी को जीत की बधाई, कई दशकों से हैं पार्टी के खास

बीजेपी को यूपी में बहुमत मिलने के बाद अभी दोबारा सरकार का गठन होना है. इससे पहले कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देने का सिलसिला जारी है. बीजेपी के सबसे पुराने कार्यकर्ता 108 साल के भुलई भाई ने फोन पर योगी आदित्यनाथ को बधाई दी.

भुलई भाई ने दी सीएम योगी को जीत की बधाई
शिल्पी सेन
  • लखनऊ ,
  • 12 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 8:52 PM IST
  • योगी ने भुलई भाई के स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दीं
  • गृहमंत्री अमित शाह ने किया था सम्मानित 

यूपी में दोबारा बीजेपी की सत्ता के वापसी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देने का सिलसिला चल रहा है. सीएम योगी को पार्टी के पुराने नेता भी बधाई दे रहे हैं. इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के सबसे पुराने और वयोवृद्ध कार्यकर्ता भुलई भाई से फोन पर बात की. भुलई भाई ने योगी को जीत की बधाई दी. भुलई भाई ने कहा कि वो उनको मोदी जी के बाद प्रधानमंत्री ने रूप में भी देखना चाहते हैं. 


योगी ने भुलई भाई के स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दीं
बीजेपी को यूपी में बहुमत मिलने के बाद अभी दोबारा सरकार का गठन होना है. इससे पहले कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देने का सिलसिला जारी है. बीजेपी के सबसे पुराने कार्यकर्ता 108 साल के भुलई भाई ने फोन पर योगी आदित्यनाथ को बधाई दी. भुलई भाई ने कहा कि नतीजों से वो बहुत खुश हैं. योगी आदित्यनाथ ने उनके स्वास्थ्य का हालचाल लिया और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दीं. योगी आदित्यनाथ ने फोन पर कहा ‘आप स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें....’
 
नतीजों के दिन पढ़ रहे थे रामचरितमानस
भुलई भाई इस बार नतीजों के दिन लगातार सुबह से रामचरितमानस का पाठ करते रहे.परिणाम आने के बाद उन्होंने पोते कन्हैया से लड्डू मंगवाया और सबके साथ उन्होंने घर पर लड्डू खाए. कुशीनगर के रहने वाले भुलई भाई ने सीएम योगी से बात करने की इच्छा ज़ाहिर की थी. सीएम योगी ने फोन मिलवाकर भुलई भाई से बात की.

गृहमंत्री अमित शाह ने किया था सम्मानित 


कोरोना के संकट काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन करके पार्टी के इस सबसे वयोवृद्ध सदस्य का हालचाल लिया था.पिछले साल अक्टूबर में गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में बीजेपी के पूर्व विधायकों को सम्मानित किया था, जिसमें ख़ास तौर पर भुलई भाई को आमंत्रित किया गया था.अमित शाह मंच से उतर कर भुलई भाई को सम्मानित किया था.

कौन हैं भुलई भाई
श्री नारायण उर्फ़ भुलई भाई भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम कार्यकर्ता हैं. भुलई भाई 1974 में नौरंगिया से भारतीय जनसंघ से विधायक रहे हैं.बीजेपी के गठन के बाद भुलई भाई बीजेपी के कार्यकर्ता बन गए. भुलई भाई 1974 में भारतीय जनसंघ के विधायक चुने गए. उस समय देवरिया के नौरंगिया (वर्तमान में कुशीनगर के खड्डा) से विधायकी जीतने वाले भुलई भाई अक्सर पुराने दिनों की याद करने लगते हैं.

जब दीनदयाल उपाध्याय उन्हें अपनी थाली से भोजन कराया…
दीनदयाल उपाध्याय से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक की बातों और यादों को दोहराते हैं भुलई भाई. दीन दयाल उपाध्याय से प्रभावित होकर राजनीति की राह पकड़ने वाले भुलई भाई ये क़िस्सा भूले नहीं जब दीनदयाल उपाध्याय उन्हें अपनी थाली से भोजन कराया था.उस समय की बात याद करके भुलई भाई कहते हैं कि उन्होंने संकोच में दीनदयाल उपाध्याय से कहा कि ‘आप सब हमको ही दे रहे हैं तो क्या खाएंगे?’ तब दीनदयाल जी ने हंसकर भुलई भाई से ये कहा था ‘आप खाइए आपको बहुत लंबा जीना है....’ आज भुलई भाई 108 साल के हैं.

केसरिया गमछा है भुलई भाई की पहचान
जब भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई तो श्री नारायण उर्फ़ भुलई भाई एम ए के छात्र थे. उस समय दीनदयाल उपाध्याय से प्रभावित होकर उन्होंने जो सिद्धांतों के रास्ते पर चलना शुरू किया तो इन सिद्धांतों का दामन हमेशा थामे रखा. एम ए के बाद एम एड करने के बाद भुलई भाई शिक्षा अधिकारी बन गए पर 1974 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और राजनीति में रहकर देश और समाज के लिए कुछ करने की ठानी. इसी साल उनको भारतीय जनसंघ ने अपना उम्मीदवार बनाया और भुलई भाई विधायक बन गए. भुलई भाई ने नौरंगिया विधानसभा क्षेत्र जीत दर्ज की थी. 1977 में जनसंघ के साथ मिलकर बनी जनता पार्टी के चुनाव चिह्न पर फिर विधायक चुने गए. भुलई भाई की पहचान उनका केसरिया गमछा है.


 

 

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