उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही अयोध्या जनपद की पांचों विधानसभा सीटों अयोध्या, मिल्कीपुर, बीकापुर, रुदौली और गोसाईगंज पर चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. भाजपा और समाजवादी पार्टी सहित प्रमुख राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज कर दिया है. टिकट की दावेदारी को लेकर नेताओं की सक्रियता बढ़ने से जिले का राजनीतिक माहौल अभी से गर्माने लगा है.
अयोध्या विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे 'पवन' सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. उधर, भाजपा में मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, इंद्र प्रताप तिवारी (खब्बू तिवारी) और विकास सिंह जैसे कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं.
1. गोसाईगंज विधानसभा सीट: इस सीट पर इस बार सबसे अधिक राजनीतिक नजरें टिकी हैं. समाजवादी पार्टी के विधायक अभय सिंह को लेकर बदलते राजनीतिक समीकरणों की चर्चा के बीच सपा नए चेहरे की तलाश में है, जहां रामसागर वर्मा का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. भाजपा भी इस सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है.
2. रुदौली विधानसभा सीट: इस सीट पर भाजपा से रामचंद्र यादव और समाजवादी पार्टी से रुश्दी मियां के बीच सीधी टक्कर की संभावना जताई जा रही है.
3. मिल्कीपुर विधानसभा सीट: इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के चंद्रभानु पासवान, गोरखनाथ बाबा और जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी टिकट की दौड़ में हैं. उधर, सपा में सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत पासी और प्रदीप यादव के नाम चर्चा में है.
4. बीकापुर विधानसभा सीट: इस बार चुनाव में बीकापुर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं. भाजपा, समाजवादी पार्टी और बसपा तीनों दलों में टिकट को लेकर जोरदार मंथन जारी है. हालांकि, सभी राजनीतिक दलों की ओर से उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है.
सभी दल कर रहे जोरदार तैयारी
इस बीच अयोध्या के वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि इस बार का चुनाव पिछले चुनावों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण और रोचक होगा. उनका कहना है कि राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े दान चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों की राजनीतिक चर्चा भी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है. हालांकि, इसका वास्तविक असर क्या होगा, इसका फैसला अंततः मतदाता करेंगे. वरिष्ठ पत्रकार कमलकांत सुंदरम ने कहा कि पिछले चुनावों की तुलना में 2027 का विधानसभा चुनाव अयोध्या में भाजपा के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रहा है. गोसाईगंज सहित कई सीटों पर टिकट चयन और स्थानीय समीकरण बेहद महत्वपूर्ण होंगे. अब देखना होगा कि भाजपा किन चेहरों पर भरोसा जताती है. वरिष्ठ पत्रकार रघुवर शरण का मानना है कि अयोध्या में इस बार भाजपा के सामने पहले से अधिक मेहनत की चुनौती है. 2027 का विधानसभा चुनाव आसान नहीं होगा और सभी दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं.