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MLC सेम, पार्टी डिफरेंट! यूपी में चुने गए 10 पुराने एमएलसी, सिर्फ 1 नए कैंडिडेट की जीत

यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव में 10 पुराने एमएलसी ही दोबारा चुने गए हैं. हालांकि दो एमएलसी ने दूसरी पार्टी से जीत दर्ज की है. सिर्फ लखनऊ स्नातक सीट पर बीजेपी के अवनीश सिंह की जगह समाजवादी पार्टी की क्रांति सिंह ने जीत दर्ज की है. ये नई उम्मीदवार हैं.

Akhilesh Yadav and Yogi Adityanath
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:51 AM IST

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजे आ गए हैं. बीजेपी ने अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराया है तो समाजवादी पार्टी ने पहले से बेहतर प्रदर्शन किया है. नतीजों का आकलन किया जा रहा है कि किस पार्टी को फायदा हुआ और किस पार्टी को नुकसान हुआ? अगर पार्टियों के नफा-नुकसान से अलग हटकर देखें तो इस बार एमएलसी चुनाव में एक गजब का नजारा देखने को मिला है. 11 सीटों के चुनाव में 10 सीटों पर पुराने एमएलसी ही जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं. सिर्फ एक सीट पर नया उम्मीदवार को जीत मिली है.

10 सीटों पर पुराने MLC को मिली जीत-
यूपी में इस बार विधान परिषद की 11 सीटों पर वोटिंग हुई. इसमें से बीजेपी को 6 सीटों और समाजवादी पार्टी को 4 सीटों पर जीत मिली. लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात है कि इस बार चुनाव में 10 पुराने एमएलसी ही जीत हासिल किए हैं. लेकिन कई की पार्टी बदल गई है. जबकि सिर्फ एक सीट लखनऊ स्नातक के चुनाव में नए उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. लखनऊ से समाजवादी पार्टी की कांति सिंह ने जीत दर्ज की है. जबकि पिछली बार बीजेपी के अवनीश कुमार सिंह ने जीत हासिल की थी.

बीजेपी के टिकट पर जीतने वाले सभी पुराने MLC-
बीजेपी के 5 पुराने एमएलसी ने ही जीत हासिल की है. इसमें मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल, आगरा स्नातक से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी, लखनऊ शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर डॉ. हरि सिंह ढिल्लो और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा शामिल हैं. इन सभी सीटों पर बीजेपी के ये सभी उम्मीदवारों ने साल 2020 विधान परिषद के चुनाव में जीत हासिल की थी.

इसके अलावा बीजेपी ने इस बार गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर जीत हासिल की है. इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत दर्ज की है.  ध्रुव त्रिपाठी ने पिछली बार यानी साल 2020 में भी जीत दर्ज की थी. लेकिन उस बार उन्होंने निर्दलीय जीत हासिल की थी.

समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतने वाले 5 में से 4 पुराने-
समाजवादी पार्टी ने इस बार 5 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि पिछली बार पार्टी ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. लेकिन उसने इस बार समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और जीत हासिल की है.

समाजवादी पार्टी की तरफ से इलाहाबाद-झांसी स्नातक से डॉ. मान सिंह यादव, वाराणसी स्नातक से आशुतोष सिन्हा, वाराणसी शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की है. ये तीनों उम्मीदवारों ने साल 2020 में भी जीत दर्ज की थी. 

इसके अलावा आगरा शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के टिकट पर डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की है. साल 2020 में भी आकाश अग्रवाल ने ही जीत हासिल की थी. लेकिन उस समय वो निर्दलीय चुनाव लड़े थे. लेकिन इस बार उन्होंने समाजवादी पार्टी की दामन थाम लिया था.

लखनऊ स्नातक सीट पर बदले नतीजे-
लखनऊ स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी की कांति सिंह ने जीत दर्ज की है. जबकि साल 2020 में बीजेपी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी के अवनीश कुमार सिंह ने जीत हासिल की थी. बीजेपी ने इस बार भी उनको उम्मीदवार बनाया था. लेकिन हार का सामना करना पड़ा है.

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