Advertisement

सीएम योगी आदित्यनाथ ने संभाला मोर्चा, नाराज बीजेपी नेताओं को मनाने में जुटे

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गरमाहट बढ़ती जा रही है. बीजेपी में नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए खुद सीएम योगी आदित्यनाथ आगे आए हैं. उन्होंने नाराज लीडर कौशल किशोर और रीता बहुगुणा जोशी से मुलाकात की.

Meeting between CM Yogi and Rita Bahuguna Joshi
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब नाराज नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी भी खुद योगी ने अपने हाथ में ले ली है. कहा जा रहा है कि सीएम योगी बागी और नाराज नेताओं को खुद बुलाकर सुन रहे हैं और डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं.

बीजेपी से नाराज चल रहे हैं कई लीडर-
पिछले तीन दिनों में आई है तीन-चार तस्वीरें बीजेपी के भीतर की बेचैनी को बयां कर रही है, जैसे ही भाजपा के रूहेलखंड के सबसे बड़े पिछड़े चेहरों में एक धर्मेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा, जैसे ही अपनी बेटी कीर्ति कश्यप के साथ धर्मेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव से मुलाकात की और यह तय हो गया कि धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी की टिकट के लिए समाजवादी पार्टी जा रहे हैं. बीजेपी के भीतर हलचल मच गई. कहीं ऐसा तो नहीं कि दूसरे नाराज नेता भी इसी राह पर चल पड़े, क्योंकि ज्यादातर नाराज नेता बच्चों के लिए टिकट चाहते हैं.

3 दिन में सीएम योगी की 3 मुलाकातें-
धर्मेंद्र कश्यप से अखिलेश यादव की मुलाकात की तस्वीरों के सामने आने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन दिनों में तीन मुलाकातों की तस्वीर जो बेहद अहम है.

CM से कौशल किशोर फैमिली की मुलाकात-
सबसे पहले मुख्यमंत्री की मुलाकात की तस्वीर कौशल किशोर के पूरे परिवार के साथ आई, जिसमें खुद पूर्व सांसद और मंत्री कौशल किशोर मलिहाबाद से उनकी विधायक पत्नी जय देवी और बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चे के उपाध्यक्ष और उनके बेटे विकास किशोर की तस्वीर थी.

रीता बहुगुणा जोशी और गंगाचरण राजपूत से मुलाकात-
अगले ही दिन रीता बहुगुणा जोशी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुलाकात की तस्वीर और फिर उसी दिन गंगाचरण राजपूत से मुलाकात की तस्वीर सामने आई. गंगाचरण राजपूत महोबा के चरखारी के विधायक बृजभूषण राजपूत के पिता हैं.

क्या कहती हैं ये मुलाकातें?
यह तीनों तस्वीर बहुत कुछ कहती हैं. यह तीनों इस वक्त ऐसे नाराज नेता हैं, जिनकी नाराजगी सरकार से, मुख्यमंत्री से भी कुछ हद तक और बीजेपी से इस बात को लेकर है कि बड़े नेताओं के परिवारों की तो बीजेपी सुन रही है, लेकिन उनके बेटे-बेटी अगर सियासत में आना चाहते हैं तो उनकी सुनवाई नहीं है.

क्या चाहते हैं नाराज नेता?
कौशल किशोर अपने बेटे विकास किशोर के लिए पत्नी की सीट मलिहाबाद से टिकट चाहते हैं. चाहते हैं कि उन्हें हराने वालों को बीजेपी ज्यादा तवज्जो ना दे. 2022 में रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे के लिए टिकट चाहती थी. लेकिन जब बीजेपी ने नहीं दिया तो रीता बहुगुणा जोशी के बेटे ने सपा का दामन थाम लिया, तब से नाराज रीता बहुगुणा जोशी नाराज चल रही हैं. मुख्यमंत्री योगी से उनकी मुलाकात को उन्हें मनाने की कोशिशों के तहत देखा जा रहा है. बृजभूषण राजपूत महोबा के चरखारी से आने वाले विधायक फायर ब्रांड विधायक हैं. कुछ दिन पहले इन्होंने स्वतंत्र देव सिंह को अपने इलाके में बंधक बना लिया था. सरकार के खिलाफ बोलने में कोई गुरेज़ नहीं रखते, समाजवादी पार्टी की नजर इस विधायक और इस परिवार पर भी है, क्योंकि यह बुंदेलखंड का सबसे बड़ा ऐसा परिवार है, जो लोधी बिरादरी पर अपना असर रखता है और अखिलेश यादव ऐसे तमाम नेताओं को अपने साथ जोड़ने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं.

बीजेपी के सामने चुनौती-
बीजेपी की दुविधा यह है कि वह इन नाराज नेताओं को अगर नहीं मना पाती है तो दलित और ओबीसी में बीजेपी का नैरेटिव बिगड़ सकता है.

ऐसे में अब डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी खुद मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथ में ली है, क्योंकि ज्यादातर नेताओं की नाराजगी सरकार के नौकरशाही से और पार्टी की उस पॉलिसी से है, जिसमें नेताओं के बाल बच्चों को टिकट देने में पार्टी संकोच करती है. लेकिन इस बार की लड़ाई कांटे की है. इसलिए भाजपा अपने ज्यादातर नेताओं को नाराज करने का जोखिम नहीं लेगी और जो बड़े और प्रभावी नेता हैं, उनकी बातें मानेगी, खासकर उनके बच्चों को टिकट दे सकती है.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement