Advertisement

यूपी में कांग्रेस के करीब आ रहे विपक्ष के छोटे दल, क्या है प्लान?

विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी की सियासत लगातार बदल रही है. विपक्ष के छोटे-छोटे दल समाजवादी पार्टी की बजाय कांग्रेस के करीब जा रहे हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद संजय चौहान और पंकज निरंजन ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. कांग्रेस इन छोटे दलों के साथ मिलकर अपना प्लान बना रही है.

Rahul Gandhi's meeting with leaders
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर लगातार समीकरण बदल रहे हैं. समाजवादी पार्टी के साथ रहने वाले दल अब कांग्रेस के साथ गलबहियां डालने के मूड में हैं. 2 दिन पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी. अब ओबीसी की चौहान बिरादरी की पार्टी चलाने वाले संजय चौहान ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की है. उसके अलावा पंकज निरंजन की भी मुलाकात राहुल गांधी से हुई है. पंकज निरंजन अपना दल कामेरवादी के नेता हैं और पल्लवी पटेल के पति है.

कांग्रेस के करीब जा रहे छोटे दल-
कांग्रेस पार्टी जितनी ज्यादा सीटों की बारगेनिंग कर रही है. उत्तर प्रदेश के छोटे-छोटे दल अब कांग्रेस की परिक्रमा करने लगे हैं. उन्हें लगता है कि कांग्रेस पार्टी ने अगर बड़ी संख्या में सीटें ले ली तो इन छोटे दलों को भी पर्याप्त संख्या में सीटें मिल सकती हैं.

अखिलेश यादव ने इन दलों से इस बार दूरी बना रखी है. इसलिए कांग्रेस पार्टी इन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जातियों के नेताओं और कुछ कुछ इलाकों में अपना प्रभाव रखने वाले नेताओं को अपने साथ जोड़ सके.

2022 के पहले बने भागीदारी मोर्चा के दल ज्यादातर कांग्रेस के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं. संजय चौहान, पंकज निरंजन ये सभी भागीदारी मोर्चा के घटक रहे हैं और पंकज निरंजन तो भागीदारी मोर्चा बनाने वालों में शामिल थे.

क्या है कांग्रेस का प्लान?
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी इन छोटे-छोटे दलों को जोड़कर 2017 के पहले के बीजेपी के फार्मूले को अपना रही है, जब अमित शाह ने इन्हीं छोटी पार्टियों और नेताओं को अपने साथ जोड़कर समाजवादी पार्टी को मात दी थी.

अखिलेश यादव ने कांग्रेस से जिताऊ कैंडिडेट की मांग की है, ऐसे में कांग्रेस पार्टी ऐसे दलों और नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है, जो थोड़ा बहुत प्रभाव रखते हैं और कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ सकते हैं.

क्या है स्वामी प्रसाद की मांग?
फिलहाल स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी पार्टी के सिंबल से चुनाव लड़ने की मांग की है और लगभग दर्जन पर सीटों की मांग कांग्रेस से रखी है. लेकिन कांग्रेस पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर चुनाव लड़ना है तो कांग्रेस के सिंबल पर लड़ना होगा.

ये भी पढ़ें:

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement