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मुलाकात, सफाई, फिर हुई आकाश आनंद की वापसी... मायावती क्या देना चाहती हैं संदेश?

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने एक बार फिर भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी करा दी है. आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है. माना जा रहा है कि इस बार वापसी के बाद आकाश आनंद की पार्टी में बड़ी भूमिका होगी और वो फुल फॉर्म में दिखाई देंगे.

Mayawati and Akash Anand (Photo/PTI)
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:06 AM IST

9 अक्टूबर को भीमराव अंबेडकर की जयंती पर लखनऊ में होने वाली बड़ी जनसभा में आकाश आनंद मंच पर तो नहीं दिखेंगे, लेकिन लखनऊ का बैकरूम संभाल रहे होंगे. आकाश आनंद की वापसी के साथ ही उनकी सक्रियता भी दिखाई देने लगेगी. 1 नवंबर को अयोध्या के एक विधानसभा में आकाश आनंद सभा करेंगे, जहां जितेंद्र सिंह बबलू के टिकट का ऐलान हो सकता है.

तीसरी बार हुई आकाश आनंद की वापसी-
तीसरी बार आकाश आनंद की पार्टी में वापसी हो गई. मायावती ने उन्हें उज्जवल राजनीतिक भविष्य की शुभकामनाएं भी दे दी और आज जब मीडिया में बार-बार उनको पार्टी से बाहर निकाल जाने और वापस लेने की बात कहीं जाने लगी तो मायावती ने उसपर भी ट्वीट कर लिखा कि आकाश आनंद की शादी के पहले से वह बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय रहे हैं और शादी के बाद उनके ससुर की वजह से वह बार-बार बाहर किए गए. लेकिन अब ऐसी नौबत नहीं आएगी.

मायावती से हुई थी आकाश की मुलाकात-
एक हफ्ते पहले मायावती की आकाश आनंद से लखनऊ आवास पर बहुत लंबी मुलाकात हुई, जहां सभी गिले शिकवे दूर हुए. यही नहीं, आकाश आनंद ने बिंदुवार उन तमाम सवालों के जवाब दिए, जो मायावती के मन में थे खासकर परिवार और परिवार के भीतर ससुर अशोक सिद्धार्थ से आकाश आनंद के संबंधों को लेकर. 

रविवार को आकाश आनंद और आनंद कुमार दोनों लखनऊ आए और मायावती की माफ करने वाली ट्वीट के पहले लंबी बातचीत फिर हुई और उसके बाद आकाश आनंद को फिर से राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर के पद पर मायावती ने बहाल कर दिया.

आकाश आनंद की हो सकती है बड़ी भूमिका-
माना जा रहा है मायावती इस बार आकाश आनंद को वापस लाकर उन्हें और भी जिम्मेदारियां सौंपेंगी. अभी तक उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर तो रखा गया. लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासत से दूर रखा गया है. लेकिन 2027 के यूपी चुनाव में आकाश आनंद को मायावती इस्तेमाल कर सकती हैं. मायावती को भी मालूम है कि आकाश आनंद को वापस लाने के लिए कैडर का भारी दबाव था. इसलिए इस बार आकाश आनंद को लेकर कन्फ्यूजन ना हो, वह बार-बार ट्वीट कर अपनी बात रख रही हैं. एक दिन पहले आकाश आनंद की लखनऊ में फिर मायावती से मुलाकात हुई है और घंटेभर चली इस मुलाकात में पार्टी के लिए कैसे काम करना है? मायावती ने अपनी राय बता दी है.

माना जा रहा है इस बार आकाश आनंद की वापसी मजबूत वापसी है और अब शायद मायावती दोबारा उन्हें बाहर करने का जोखिम नहीं लेंगी. आकाश आनंद का सतीशचंद्र और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने नीली टोपी पहन कर दोबारा उनका स्वागत किया.

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